High protein roti: वजन कम करने वाले, मसल्स बनाने वाले या फिर फिजिक मेंटेन करने वालों के साथ-साथ स्वस्थ रहने वाले लोगों को भी पर्याप्त प्रोटीन का सेवन करना होता है. हालांकि उनकी एक्टिविटी आदि के कारण प्रोटीन की जरूरत बदल सकती है लेकिन ये हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी पोषक तत्व है. जो लोग वेजिटेरियन हैं उन लोगों के सामने अक्सर ये परेशानी रहती है कि प्रोटीन के लिए क्या खाएं क्योंकि नॉन-वेजिटेरियन लोगों की अपेक्षा उन लोगों के पास प्रोटीन के सोर्स सीमित होते हैं.
बाजार में मिलने वाले महंगे प्रोटीन पाउडर हर किसी के बजट में नहीं होते. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी किचन में ही एक ऐसी चीज मौजूद है, जिसे अगर सही तरीके से गेहूं के आटे में मिला दिया जाए, तो आपकी साधारण सी रोटी एक 'पावर पैक्ड' मील बन सकती है. सिर्फ 50 ग्राम आटे में यदि उस चीज को मिला दिया जाए तो आपको करीब 32 ग्राम तक प्रोटीन मिल सकता है जो आपकी रोजाना की प्रोटीन जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकता है. वो कौन सी चीज है जिससे हाई प्रोटीन आटा बना सकते हैं, उसके बारे में जान लीजिए.
गेहूं के आटे को हाई-प्रोटीन बनाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है इसमें सोया चंक्स को पीसकर मिला देना. सोयाबीन को शाकाहारियों के लिए 'मीट' माना जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है और सोया चंक भी सोयाबीन से ही बनाए जाते हैं.
जब आप 50 ग्राम गेहूं के आटे में 50 ग्राम सोया चंक्स का पाउडर मिलाते हैं तो इसकी अमीनो एसिड प्रोफाइल पूरी हो जाती है. सोया में मौजूद हाई फाइबर न केवल आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, बल्कि यह पाचन में भी सुधार करता है.
| न्यूट्रिशन | सोया चंक (50 ग्राम) | गेहूं (50 ग्राम) |
| कैलोरी | 170 | 170 |
| प्रोटीन | 26 ग्राम | 6-7 ग्राम |
| कार्बोहाइड्रेट | 15 ग्राम | 35 ग्राम |
| फैट | 0.5 ग्राम | 1 ग्राम |
इस हाई प्रोटीन आटे को बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले सोया चंक्स को हल्का रोस्ट कर लें ताकि उनकी नमी निकल जाए और वे पीसने में आसान हो जाएं. इसके बाद इन्हें मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें. अब 50 ग्राम गेहूं के आटे में बराबर मात्रा या जरूरत के अनुसार सोया पाउडर मिलाएं.
ध्यान रहे कि सिर्फ सोया की रोटी बनाना मुश्किल हो सकता है इसलिए गेहूं का बेस जरूरी है. यह मिश्रण आपको वह प्रोटीन वैल्यू देगा जो आमतौर पर महंगे सप्लीमेंट्स से मिलती है.
हाई प्रोटीन आटा न केवल जिम जाने वालों के लिए फायदेमंद है बल्कि शुगर के मरीजों और वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी रामबाण की तरह काम कर सकता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता.
इसके अलावा यह आटा हड्डियों को मजबूती दे सकता है और शरीर की थकान को दूर करने में मदद कर सकता है. अगर आप अपनी डेली डाइट में इस छोटे से बदलाव को शामिल करते हैं तो आप बिना किसी एक्स्ट्रा मेहनत के अपनी प्रोटीन की जरूरत को पूरा कर सकते हैं.
(Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में किसी भी बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन की सलाह जरूर लें,)
मृदुल राजपूत