भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए आयुर्वेद में गुलकंद को काफी अच्छा माना गया है. गुलाब की ताजी पंखुड़ियों और मिश्री के मिश्रण से तैयार गुलकंद शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है. इसे सनबर्न और हीट स्ट्रोक में भी काफी फायदेमंद माना जाता है. गर्मियों में इसे शरीर को ठंडा रखने के लिए एक प्राकृतिक कूलेंट कहा जाता है.
अगर आप गर्मियों में सुस्ती, जलन या पेट की समस्याओं से परेशान रहते हैं तो रोजाना एक चम्मच गुलकंद आपकी इन सभी समस्याओं का रामबाण इलाज हो सकता है. खासतौर पर घर पर बने शुद्ध गुलकंद का सेवन करने से आपको कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं क्योंकि यह बाजार में मिलने वाले गुलकंद की तुलना में अधिक प्राकृतिक और केमिकल-प्रिजर्वेटिव्स से फ्री होता है.
घर पर गुलकंद बनाते समय आप केवल ताजे गुलाब की पंखुड़ियों और शहद या मिश्री का उपयोग करते हैं. इसमें कृत्रिम रंगों का यूज नहीं होता है जो बाजार में उपलब्ध हर एक उत्पाद में आमतौर पर पाए जाते हैं. यही वजह है कि घर का बना गुलकंद इसे आपके लिए स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक प्राकृतिक बनाता है.
घर पर गुलकंद बनाने का तरीका
इसके लिए सबसे पहले ताजे गुलाब लेकर आएं और उसकी पंखुड़ियों को तोड़कर अच्छी तरह धो लें. इसके बाद इन्हें सूती कपड़े पर सुखा लें ताकि उनकी नमी पूरी तरह निकल जाए.
अब एक कांच के जार में पहले गुलाब की पंखुड़ियों की एक परत बिछाएं फिर उसके ऊपर पिसी हुई मिश्री डालें.
इसी तरह परत दर परत जार को भर दें और ऊपर से इलायची और सौंफ पाउडर डालें.
जार का ढक्कन बंद कर इसे 7 से 10 दिनों तक धूप में रखें.
हर दिन जार को एक बार हिलाएं. जब पंखुड़ियां गलकर जैम जैसी हो जाएं तो समझ जाएं कि आपका शुद्ध गुलकंद तैयार है.
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