आजकल की बिगड़ती लाइफस्टाइल और स्ट्रेस के कारण हेयर फॉल एक आम समस्या बन चुका है. गंजेपन से परमानेंट छुटकारा पाने के लिए लोग तेजी से हेयर ट्रांसप्लांट ऑपशंस को चुन रहे हैं. लेकिन सर्जरी कराना ही काफी नहीं है, इसके बाद बालों की सही देखभाल करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. कई बार लोगों के मन में यह डर रहता है कि क्या हेयर ट्रांसप्लांट के बाद गलती से बाल खिंच जाने पर वो हमेशा के लिए उखड़ जाएंगे? डॉक्टरों के मुताबिक, यह पूरी तरह इस बात पर डिपेंड करता है कि आपकी सर्जरी को कितने दिन बीत चुके हैं.
सर्जरी के तुरंत बाद के शुरुआती दो हफ्ते सबसे ज्यादा नाजुक होते हैं. मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस दौरान नए इंप्लांट किए गए ग्राफ्ट्स (बालों की जड़ें) स्कैल्प में पूरी तरह फिक्स नहीं हो पाते हैं. विदेशी हेल्थ वेबसाइट विम्पोल क्लिनिक की एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती दो दिनों में अगर ट्रांसप्लांट किए गए बाल को थोड़ा भी खींचा जाए, तो ग्राफ्ट के बाहर आने का चांस 100% तक होता है. छठे दिन तक यह रिस्क थोड़ा कम जरूर होता है, लेकिन खतरा फिर भी बना रहता है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हेयर ट्रांसप्लांट के बाद अगर पहले 3 दिन में बाल खिंच गया या रूट खिंच गई तो ये लॉस हो जाता है. ये रूट वहां पर दोबारा ग्रो नहीं होतीं जिसे कहते हैं ग्राफ्ट लॉस. सर्जरी के 10 से 14 दिनों के बाद ग्राफ्ट्स स्कैल्प के टिश्यूज के साथ मिलकर अच्छी तरह अपनी जगह पक्की कर लेते हैं. 2 हफ्ते बीत जाने के बाद नॉर्मल तरीके से बाल खींचने पर जड़ बाहर नहीं आती है. इसके बाद स्किन पूरी तरह हील हो जाती है और रोजमर्रा के कामों से ग्राफ्ट्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है.
इसके बाद यदि बाल गिर रहा है तो रूट अभी स्किन के अंदर ही है और ये रूट वापस एक बाल उगा देगी. तो मान लीजिये आपने ट्रांसप्लांट कराया, 5-6 महीने के बाद वो बाल ग्रो हो गए और अगर आप वो बाल खींच के तोड़ लेते हो तो ये कोई टेंशन की बात नहीं है. इसमें हेयर दोबारा ग्रो हो जाते हैं. आप बाल को शेव भी करवा सकते हो, आप हेयर कट भी करवा सकते हो और बालों का टूटना, झड़ना, इवेन ट्रांसप्लांटेड हेयर में भी टोटली नॉर्मल होता है क्योंकि ये रूट्स परमानेंट होती हैं और फिर से बाल उगा देती हैं.'
सर्जरी के 10 से 14 दिनों के बाद ग्राफ्ट्स स्कैल्प के टिश्यूज के साथ मिलकर अच्छी तरह अपनी जगह पक्की कर लेते हैं. 2 हफ्ते बीत जाने के बाद नॉर्मल तरीके से बाल खींचने पर जड़ बाहर नहीं आती है. इसके बाद स्किन पूरी तरह हील हो जाती है और रोजमर्रा के कामों से ग्राफ्ट्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है.
ट्रांसप्लांट के 3 से 4 हफ्ते बाद अक्सर मरीज घबरा जाते हैं क्योंकि उनके नए बाल अचानक झड़ने लगते हैं. हेल्थलाइन की मेडिकल गाइड के अनुसार, इसे शॉक लॉस या शेडिंग फेज कहा जाता है. यह सर्जरी के बाद का एक बिल्कुल नॉर्मल प्रोसेस है. इसमें सिर्फ ऊपरी बाल टूटकर गिरता है, जबकि उसकी जड़ अंदर सुरक्षित रहती है. इस फेज के खत्म होने के बाद, अगले 3 से 4 महीनों में उसी जगह से नए, ओरिजिनल और मजबूत बाल उगने शुरू हो जाते हैं. इसलिए शुरुआती दिनों में सावधानी रखें और उसके बाद बेफिक्र रहें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क