Champaran Mutton Recipe: न पानी, न मसाले भूनने की टेंशन! घर पर ट्राई करेंं बिहार का मशहूर चंपारण मटन, जानें बनाने का देसी तरीका

होली पर लोग चिकन-मटन खाना बहुत पसंद करते हैं और अगर आप भी रोजाना एक जैसा मटन खाकर बोर हो गए हैं. तो आप इस होली पर देसी, दमदार चंपारण मटन यानी अहुना या हांडी मीट ट्राई कर सकते हैं. एक तो इसे बनाने के लिए न तो भूनने और न ही खड़े होकर पकाने की टेंशन होती है.

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हांडी पर मटन बनाने में काफी समय लगता है.  (PHOTO:ITG) हांडी पर मटन बनाने में काफी समय लगता है. (PHOTO:ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 03 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:45 PM IST

Champaran Mutton Recipe: गुजिया, मठरी, नमकीन के अलावा होली के दिन तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं, लंच और डिनर दोनों ही लोग काफी अलग-अलग डिश बनाते हैं, जिसमें वेज और नॉनवेज दोनों ही शामिल होते हैं. अगर आप एक जैसा चिकन-मटन खाकर बोर हो गए हैं तो इस होली कुछ अलग तरीका की डिश ट्राई कर सकते हैं.

 होली को खास बनाने के लिए अगर आप कुछ देसी, दमदार और असली भारतीय स्वाद चखना चाहते हैं तो चंपारण मटन यानी अहुना या हांडी मीट से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है. बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले से निकली यह ट्रेडिशनल डिश आज देशभर में अपने अनोखे स्वाद और मिट्टी की खुशबू के लिए जानी जाती है.

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चंपारण मटन का इतिहास

चंपारण मटन की जड़ें बिहार के चंपारण इलाके से जुड़ी हैं. कहा जाता है कि इस डिश की शुरुआत ग्रामीण इलाकों में हुई, जहां लोग मिट्टी की हांडी में मसालों के साथ मटन को धीमी गैस पर पकाते थे. अहुना शब्द का अर्थ ही होता है, ढककर पकाना. पुराने समय में किसान और ज़मींदार लंबे समय तक चलने वाली दावतों में इसी तरीके से मटन बनवाते थे.

मिट्टी की हांडी को आटे से सील कर दिया जाता था ताकि भाप बाहर न निकले और मटन अपने ही रस में धीरे-धीरे गलता रहे. यही देसी तरीका ही इस डिश को खास बनाता है. बिना ज्यादा पानी डाले, सिर्फ मसालों और सरसों के तेल में पकाया गया मटन इतना नरम हो जाता है कि हड्डियों से खुद अलग हो जाता है.

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क्या है इसकी खासियत?

चंपारण मटन की सबसे बड़ी पहचान है इसका देसी मसाला और सरसों के तेल का तीखा, गहरा स्वाद. इसमें धनिया, जीरा, काली मिर्च, लौंग, हरी- काली इलायची, जावित्री, चक्र फूल, खसखस, जायफल और सूखी लाल मिर्च जैसे मसालों को भूनकर पीसा जाता है.


इसके बाद मटन को प्याज, अदरक-लहसुन पेस्ट, हल्दी, लाल मिर्च और तैयार मसाले के साथ 6 से 8 घंटे तक मेरिनेट किया जाता है. यह लंबा मेरिनेशन ही असली टेस्ट की कुंजी है.

चंपारण मटन के लिए इंग्रेडिएंट्स

  • 750 ग्राम हड्डी वाला मटन (2 इंच के टुकड़े)
  • 1 कप सरसों का तेल
  • 4 बड़े प्याज (कटे हुए)
  • 2 बड़े चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट
  • 2-3 हरी मिर्च (चीरी हुई)
  • 2 साबुत लहसुन की गांठ
  • नमक स्वादानुसार
  • हांडी सील करने के लिए गूंथा हुआ आटा
  • हरी धनिया
  • पाउडर मसाले:

  • 2 बड़े चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
  • 1 बड़ा चम्मच धनिया पाउडर
  • 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
  • ¼ छोटा चम्मच हल्दी

साबुत मसाले (भूनकर पीसने के लिए):

  • 1½ बड़ा चम्मच धनिया बीज
  • 1 बड़ा चम्मच जीरा
  • 15-20 काली मिर्च
  • 4-5 लौंग
  • 4-5 हरी इलायची
  • 2 काली इलायची
  • 1 चक्र फूल
  • ½ छोटा चम्मच सौंफ
  • थोड़ा सा जायफल और जावित्री

स्टेप बॉय स्टेप चंपारण मटन कैसे बनाते हैं?

  1. सबसे पहले बड़ी इलायची, छोटी इलायची, लौंग, काली मिर्च और दालचीनी जैसे साबुत मसालों को कड़ाही में बिना तेल के हल्का सा भून लें और खुशबू आने पर ठंडा करके बारीक पीस लें.
  2. अब साफ धुले मटन में कटा हुआ प्याज, पिसे हुए मसाले, साबुत खड़े मसाले, अदरक-लहसुन पेस्ट, नमक, हल्दी और भरपूर सरसों का तेल डालकर हाथों से अच्छी तरह मिलाएं ताकि मसाला हर टुकड़े पर अच्छी तरह लग जाए.
  3. इस मेरिनेट किए हुए मटन को ढककर कम से कम 6 से 8 घंटे या बेहतर टेस्ट के लिए पूरी रात के लिए रख दें ताकि मसाले अंदर तक अच्छी तरह समा जाएं.
  4. अब एक मिट्टी की हांडी लें और उसके अंदर थोड़ा सा सरसों का तेल डालकर नीचे तक अच्छी तरह फैला दें.
  5. इसके बाद मेरिनेट किया हुआ सारा मटन हांडी में भर दें और ऊपर से बचा हुआ मसाला और तेल भी डाल दें ताकि स्वाद और बढ़ जाए.
  6. हांडी के ढक्कन को अच्छी तरह लगाकर आटे की मोटी लोई से चारों तरफ से पूरी तरह सील कर दें ताकि भाप बाहर न निकल सके.
  7. गैस पर पहले एक तवा रखें और फिर तवे के ऊपर यह सील की हुई हांडी रखकर गैस बिल्कुल स्लो कर दें.
  8. मटन को करीब 1 से 1.5 घंटे तक धीमी आंच पर पकने दें और हर 15 से 20 मिनट में हांडी को हल्के हाथ से हिलाते रहें, लेकिन ढक्कन बिल्कुल न खोलें.
  9. जब पकने का समय पूरा हो जाए तो गैस बंद कर दें और हांडी को 10 से 15 मिनट तक ऐसे ही दम पर रहने दें ताकि मटन और ज्यादा मुलायम हो जाए.
  10. आखिर में आटे की सील तोड़कर ढक्कन खोलें, ऊपर से हरी धनिया डालें और गरम-गरम रोटी या चावल के साथ लाजवाब चंपारण मटन परोसें.
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