Breakfast To Lower Cholesterol: महज 2 दिन खाएं ये एक ब्रेकफास्ट, घटेगा खराब कोलेस्ट्रॉल, कम होगा हार्ट अटैक का रिस्क

यूनिवर्सिटी ऑफ बॉन की नई रिसर्च के अनुसार, सिर्फ 2 दिन तक ओटमील डाइट लेने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) में 10% तक की गिरावट आ सकती है। यह डाइट मेटाबॉलिक सिंड्रोम से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान है, जो न केवल कोलेस्ट्रॉल कम करती है बल्कि वजन घटाने और शुगर लेवल सुधारने में भी मददगार है।

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सुबह का नाश्ता सबसे अहम चीज होती है. (PHOTO:ITG) सुबह का नाश्ता सबसे अहम चीज होती है. (PHOTO:ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:16 PM IST

Breakfast To Lower Cholesterol: दिल की बीमारियां तेजी से दुनियाभर में बढ़ रही हैं और सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि कम उम्र के लोग अब इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. खराब लाइफस्टाइल और डाइट का असर हमारी ओवरऑल हेल्थ पर पड़ रहा है, मोटापा, फैटी लिवर, किडनी फेलियर से लेकर हार्ट अटैक तक सब कुछ हमारे खानपान का ही नतीजा है. जंक फूड लोग धड़ल्ले से खा रहे हैं, लेकिन एक्सरसाइज वो बिल्कुल ना के बराबर कर रहे हैं. 

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दिल की सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है और सबसे अच्छी बात यह है कि इसे हेल्दी रखने का एक आसान तरीका हमारी रसोई से ही होकर जाता है. हाई कोलेस्ट्रॉल को ही दिल की बीमारी का सबसे बड़ा कारण माना जाता है और भारतीयों में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा थोड़ी अधिक होती है, इसलिए कोलेस्ट्रॉल को कम करना भारतीयों के लिए बेहद अहम बन जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किचन में रखी एक चीज आपको दिल की बीमारी से दूर कर सकती है. हाल ही में हुई एक नई स्टडी के मुताबिक, अगर सिर्फ दो दिन तक एक खास हेल्दी नाश्ता खाया जाए, तो कोलेस्ट्रॉल तेजी से कम हो सकता है.

स्टडी में क्या हुआ?

जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ बॉन के रिसर्चर्स ने 32 पुरुषों और महिलाओं पर एक रिसर्च की गई थी, इन सभी को मेटाबॉलिक सिंड्रोम था. स्टडी बताती है कि ओटमील (जई का दलिया) खाने से महज 48 घंटे में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL में करीब 10% की कमी देखी गई. सबसे खास बात यह रही कि इसका असर महज छह हफ्तों बाद भी बना रहा, जबकि लोग अपनी नॉर्मल डाइट पर लौट आए थे.

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मेटाबॉलिक सिंड्रोम क्या होता है? 

मेटाबॉलिक सिंड्रोम एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिससे लोगों में हार्ट डिजीज, डायबिटीज, स्ट्रोक और एथेरोस्क्लेरोसिस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. 

  • ज्यादा वजन
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हाई ब्लड शुगर
  • ज्यादा कोलेस्ट्रॉल

इन सभी वजहों से दिल की बीमारी और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. 

ओटमील डाइट कैसे दी गई?

रिसर्च के दौरान सभी लोगों को दो ग्रुप में बांटा गया. पहले ग्रुप को दो दिन तक दिन में तीन बार सिर्फ ओटमील खाने को कहा गया. ओट्स पानी में उबाले गए थे और उसमें सिर्फ थोड़े फल या सब्जी मिलाने की इजाजत थी. यह लोग रोज करीब 300 ग्राम ओट्स खा रहे थे और उनकी कैलोरी नॉर्मल से लगभग आधी थी.दूसरे ग्रुप ने भी कैलोरी कम की, लेकिन उन्हें ओट्स खाने की इजाजत नहीं थी. दोनों ग्रुप को कैलोरी कम करने से फायदा हुआ, लेकिन ओटमील खाने वाले ग्रुप में असर कहीं ज्यादा था. 

  • 48 घंटे में खराब कोलेस्ट्रॉल करीब 10% कम
  • औसतन 2 किलो वजन घटा
  • ब्लड प्रेशर में हल्की कमी आई

डॉक्टरों के अनुसार, यह असर दवाओं जितना ताकतवर तो नहीं, लेकिन बिलकुल सुरक्षित और नेचुरल तरीका है. 

ओट्स शरीर में कैसे काम करता है?

रिसर्च में पाया गया कि ओटमील खाने से आंतों के अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं. ये बैक्टीरिया ओट्स को डाइजेस्ट करके कुछ खास तत्व बनाते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं और इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम कर सकते हैं, जो डायबिटीज की बड़ी वजह है.

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कब ज्यादा फायदा मिलता है?

स्टडी के अनुसार, कम समय में ज्यादा मात्रा में ओट्स खाने से ज्यादा फायदा हुआ. रोज थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ओट्स खाने से कोलेस्ट्रॉल पर खास असर नहीं पड़ा यानी, दो दिन की सख्त ओटमील डाइट ज्यादा असरदार साबित हुई.रिसर्चर्स का कहना है कि अगर लोग हर 6 हफ्ते में 2 दिन की ओटमील डाइट अपनाएं, तो यह कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है और डायबिटीज से बचाने में भी मदद कर सकती है.

Disclaimer: अगर आप दवाओं के अलावा कोई आसान, सस्ता और नेचुरल तरीका ढूंढ रहे हैं, तो ओटमील आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है.हालांकि, किसी भी नई डाइट को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर अगर आप पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हों.
 

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