Met Gala 2026: जयपुर की राजकुमारी गौरवी और महाराजा पद्मनाभ ने मेट गाला में ली शाही एंट्री, भाई-बहन के 'रॉयल' लुक ने सबको किया हैरान

Met Gala 2026: मेट गाला 2026 में जयपुर की राजकुमारी गौरवी कुमारी और महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने अपनी रॉयल एंट्री से सबको चौंका दिया. गौरवी ने जहां महारानी गायत्री देवी की साड़ी से बना खास गाउन पहनकर दादी को ट्रिब्यूट दिया, वहीं 'पाचो' ने 600 घंटे में तैयार राजस्थानी 'फुलघर कोट' में अपनी सूर्यवंशी विरासत का दम दिखाया.

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मेट गाला के मंच पर प्रिंसेस गौरवी कुमारी और महाराजा पद्मनाभ ने राजस्थानी परंपरा को खूबसूरती से फ्लॉन्ट किया. (Photo: ITG) मेट गाला के मंच पर प्रिंसेस गौरवी कुमारी और महाराजा पद्मनाभ ने राजस्थानी परंपरा को खूबसूरती से फ्लॉन्ट किया. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:34 AM IST

Met Gala 2026: मेट गाला 2026 के रेड कार्पेट पर ईशा अंबानी से लेकर अनन्या बिरला तक पहुंचीं, जिनके लुक्स ने लोगों का दिल जीत लिया. लेकिन इस बार मेट गाला में सिर्फ बिजनेस और बॉलीवुड के सितारों का जलवा ही नहीं देखने को मिला, बल्कि राजपूती शाही परिवार ने भी अपने स्टाइल से सबको इंप्रेस किया. जयपुर राजघराने की राजकुमारी गौरवी कुमारी और महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह भी मेट गाला 2026 में पहुंचे और अपने कमाल के लुक्स से दोनों ने रेड कार्पेट पर ऐसी शान बिखेरी कि हर कोई हैरान रह गया.

खास बात ये थी कि राजकुमारी गौरवी और महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह (पाचो) आउटफिट्स सिर्फ चमक-धमक से भरे नहीं थे, बल्कि उनमें उनके परिवार और भारतीय ट्रेडिशन की गहरी छाप साफ नजर आ रही थी. डिजाइनर प्रबल गुरुंग के साथ मिलकर तैयार किए गए इन लुक्स से दोनों ने भारतीय ट्रेडिशन को ग्लोबल फैशन के स्टेज पर बखूबी फ्लॉन्ट किया. ये नजारा देखने में इतना शानदार था कि सभी देखते रह गए. 

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दादी की साड़ी से बना खास गाउन पहन पहुंचीं गौरवी कुमारी
राजकुमारी गौरवी कुमारी का लुक न केवल फैशन के लिहाज से बहुत खास था, बल्कि इससे उनके इमोशंस भी जुड़े हुए थे. उन्होंने अपनी दादी महारानी गायत्री देवी की साड़ी को मेट गाला 2026 की इस खास शाम के लिए चुना, लेकिन थोड़ा ट्विस्ट देकर. उनका गाउन इसी साड़ी का इस्तेमाल करके बनाया गया था. 

गौरवी कुमारी ने खुद बताया कि कई साड़ियों में से इस खूबसूरत गुलाबी साड़ी चुना गया था, जिसमें हल्का-सा सीक्वेंस वर्क था. ये गुलाबी रंग जयपुर से उनके पर्सनल कनेक्शन को भी दिखाता है. इस गाउन को इस तरह डिजाइन किया गया कि साड़ी का फ्लो और सॉफ्टनेस बिल्कुल वैसा ही रहे. इसे जिस तरह का ड्रेस दिया गया है उसे देखकर यही लग रहा है कि राजकुमारी ने गाउन नहीं, बल्कि मॉडर्न ड्रेप वाली साड़ी ही पहनी है. 

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राजकुमारी गौरवी कुमारी और महाराज पद्मनाभ सिंह (All Photo: AFP)


जूलरी में दिखा रॉयल टच
गौरवी के लुक को और खास बनाने का काम उनकी जूलरी ने किया. उन्होंने जयपुर के मशहूर द जेम पैलेस की मोतियों वाली जूलरी पहनी, जिनमें अनकट डायमंड्स और रूबीज का जड़े थे. उन्होंने गले में मल्टी लेयर लंबा पर्ल नेकलेस पहना, जिसके साथ उन्होंने एक चोकर और नेकलेस पहना था. चोकर और नेकलेस में डायमंड्स और रूबी जड़ी हुई थीं. उन्होंने कानों में बड़े-बड़े इयररिंग्स पहने, जो उनके नेकलेस से पूरी तरह मैच कर रहे थे. इसके साथ उन्होंने हाथों में चूड़ियां और अंगूठियां पहनी, जिसने पूरे लुक के रॉयल फील को और बढ़ा दिया. उनके कस्टम जिमी चू हील्स भी उनके आउटफिट की थीम से मैच कर रहे थे.

पर्ल्स और शिफॉन साड़ी, दोनों ही महारानी गायत्री देवी की पहचान रहे हैं इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि ये पूरा लुक उनके लिए एक खूबसूरत ट्रिब्यूट जैसा रहा. 

राजकुमारी गौरवी कुमारी और महाराज पद्मनाभ सिंह (All Photo: AFP)


फुलघर कोट में पहन छाए महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह
महाराज सवाई पद्मनाभ सिंह के लुक में राजस्थानी ट्रेडिशन को पूरी झलक देखने को मिली. उन्होंने विदेशी मंच पर फुलघर कोट पहना, जिसे नीले रंग के वेलवेट फैब्रिक से बनाया गया था. 600 घंटे से ज्यादा समय में तैयार हुए इस कोट को राजस्थानी कारीगरी से सजाया गया था. इसमें आरी और जरदोजी जैसी बारीक कढ़ाई की गई थी. महाराजा सवाई पद्मनाभ ने खास आउटफिट को जयपुर के कारीगरों की टीम ने तैयार किया था. इसके साथ उन्होंने ब्लैक जोधपुरी स्टाइल शर्ट और पैंट पहनी थी.

उनके कोट की सबसे खास बात इसका बैक डिजाइन था. इसके पीछे सन मोटिफ बनाया गया था, जो जयपुर के सिटी पैलेस जयपुर के श्री निवास से इंस्पायर्ड है. ये उनके सूर्यवंशी वंश को दर्शाता है. 

पाचो के लुक में जूलरी को एक्सेसरी के रूप में नहीं, बल्कि आउटफिट के हिस्से की तरह शामिल किया गया. उन्होंने पोल्की और जड़ाऊ काम के नेकलेस और ब्रोच पहने, जो जयपुर के जोहरी बाजार की पहचान हैं. उनकी शर्ट के बटन भी जड़ाऊ थे, जो उनकी शानो-शौकत में चार-चांद लगा रहे थे.

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