महाराष्ट्र के नासिक में एक अहम मामले में अदालत ने टीसीएस के चार कर्मचारियों को 18 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इन कर्मचारियों पर अपने एक सहकर्मी के कथित धर्म परिवर्तन और महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं. मामले की सुनवाई मंगलवार को हुई, जहां चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया.
आरोपियों की पहचान रजा रफीक मेमन (35), तौसीफ बिलाल अत्तार (37), दानिश एजाज शेख (32) और शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी (34) के रूप में हुई है. ये सभी नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कार्यरत थे. इस मामले में विशेष जांच दल ने 23 अप्रैल को आरोपियों को हिरासत में लिया था.
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें धारा 75, 79, 299 और 302 शामिल हैं, जो यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित हैं. आरोप है कि इन कर्मचारियों ने अपने एक पुरुष सहकर्मी को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की.
धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप
इसके अलावा उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कुछ महिला सहकर्मियों के साथ यौन उत्पीड़न किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसकी जांच के लिए विशेष टीम गठित की. पहले आरोपियों को 5 मई तक पुलिस हिरासत में रखा गया था. हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद मंगलवार को उन्हें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस वी लाड की अदालत में पेश किया गया.
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. अदालत ने चारों आरोपियों को 18 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. अब इस अवधि के दौरान मामले की आगे की जांच जारी रहेगी और पुलिस साक्ष्य जुटाने का काम करेगी.
इस पूरे मामले पर टीसीएस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या दबाव के खिलाफ लंबे समय से शून्य सहनशीलता की नीति अपनाए हुए है. कंपनी ने यह भी बताया कि नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है.
TCS का सख्त रुख, आरोपियों को किया निलंबित
यह मामला न केवल कार्यस्थल पर अनुशासन और आचार संहिता के पालन पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि ऐसे मामलों में संस्थाएं और कानून किस तरह सख्त रुख अपना रहे हैं. फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं. अगले कुछ दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
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