कांग्रेस नेता कौस्तुभ बागची को कोर्ट से जमानत, CM पर विवादित बयान देने के आरोप में अरेस्ट हुए थे

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर विवादित बयान देने के मामले में कोलकाता पुलिस ने कौस्तुभ बागची को गिरफ्तार किया है. हालांकि, शनिवार को कोर्ट ने जमानत दे दी. मामले में अगली सुनवाई 5 अप्रैल हो होगी. बागची ने कहा कि वे तब तक बाल मुंडवाते रहेंगे, जब तक पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर नहीं कर देते.

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कांग्रेस नेता कौस्तुभ बागची को सीएम ममता बनर्जी पर टिप्पणी के आरोप में पुलिस ने अरेस्ट किया था. (फाइल फोटो) कांग्रेस नेता कौस्तुभ बागची को सीएम ममता बनर्जी पर टिप्पणी के आरोप में पुलिस ने अरेस्ट किया था. (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 04 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 9:09 PM IST

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रवक्ता कौस्तव बागची को कोर्ट से जमानत मिल गई है. बागची को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ विवादित टिप्पणी के आरोप में शनिवार तड़के कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था. पुलिस ने बागची के आवास पर छापा मारा था. वहीं, पुलिस की कार्रवाई पर विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं और ममता सरकार को घेरा है. बीजेपी, कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई की निंदा की है.

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बताते चलें कि कोस्तव बागची कलकत्ता हाई कोर्ट में वकील में हैं और उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर के रहने वाले हैं. उन पर कोलकाता के बर्टोला पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है. बागची ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पर निजी हमले किए जाने पर मुख्यमंत्री की आलोचना की थी. उन्होंने शुक्रवार को टीएमसी के पूर्व विधायक द्वारा बनर्जी के बारे में लिखी गई एक विवादास्पद किताब को पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में और फिर टीवी शो में प्रसारित करने की धमकी दी थी.

एक हजार रुपए के मुचलके पर जमानत

पुलिस ने बागची पर धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 354ए (यौन उत्पीड़न), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 505 (दुश्मनी पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान), 506 (आपराधिक धमकी) और 509 (एक महिला की मर्यादा का अपमान करने के इरादे से बयान) के तहत केस दर्ज किया था. बैंकशाल कोर्ट में अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने पर उन्हें 1,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई. अदालत ने उन्हें सप्ताह में एक बार जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया है.

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'वकील को सुबह-सुबह अरेस्ट क्यों किया?'

अभियोजन पक्ष ने साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए पूछताछ के लिए बागची की 10 मार्च तक पुलिस हिरासत की मांग की. जमानत के लिए प्रार्थना पत्र में बागची की ओर से सवाल किया गया कि एक वकील को पुलिस ने नोटिस देने के बजाय सुबह-सुबह उसके आवास से गिरफ्तार क्यों कर लिया. उनके वकीलों ने अदालत से कहा कि गिरफ्तारी आवश्यक नहीं थी, क्योंकि प्राथमिकी में उनके खिलाफ सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान नहीं है.

बागची के समर्थन में उतरे कांग्रेसी

बागची के समर्थन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए. नारेबाजी करने और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के कारण दिन्रभर अदालत परिसर में हाई ड्रामा चलता रहा. जमानत मिलने के बाद अदालत से बाहर आते समय बागची ने अपने बाल मुंडवा लिए और दावा किया कि जब तक राज्य में ममता बनर्जी की सरकार है, तब तक वह गंजा रहेंगे. उन्होंने कहा- यह कठिन होता जा रहा है और ममता बनर्जी की रात की नींद छीन लेगा.

टीएमसी ने माफी मांगने की मांग की

वहीं, टीएमसी ने बागची से माफी मांगने की मांग की और कहा उन्होंने मुख्यमंत्री पर अपमानजनक टिप्पणियों से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं को आहत किया है. राज्य सरकार में मंत्री शशि पांजा ने कहा- मुख्यमंत्री का उनके और उनके परिवार के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों से अपमान हुआ है. टीएमसी बागची से बिना शर्त माफी की मांग करती है.

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'तो क्या आतंकी जैसा व्यवहार किया जाएगा?'

टीएमसी के राज्य सचिव कुणाल घोष ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि बागची की टिप्पणियों का राजनीतिक रूप से मुकाबला किया जाना चाहिए था. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी निजी राय है. प्रदेश कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या बागची आतंकवादी थे कि पुलिस ने आधी रात में उनके घर पर छापा मारा. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री की आलोचना की, इसलिए पुलिस ने उन पर अटैक किया. पुलिस ने सुबह 3 बजे उनके घर पर छापा मारा. अगर कोई मुख्यमंत्री की आलोचना करता है तो उसके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया जाएगा.

'लोगों का भरोसा खो रही है टीएमसी'

अदालत में बागची का प्रतिनिधित्व करने वाले माकपा सांसद बिकास भट्टाचार्य ने कहा- हाई कोर्ट के एक वकील को उसके घर से ऐसे समय में गिरफ्तार करना और उसके साथ वांछित अपराधी की तरह व्यवहार करना विशुद्ध रूप से राजनीतिक प्रतिशोध है. यह सरकार की हताशा को दर्शाता है. टीएमसी लोगों का भरोसा खो रही है. गिरफ्तारी अवैध और असंवैधानिक है.

डरी हुई है सरकार: बीजेपी

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बागची को गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर जमानत मिलने के बाद राज्य सरकार को झटका लगा है. उन्होंने दावा किया- जो लोग लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, वो टीएमसी सरकार के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं, भले ही पार्टी लाइन कुछ भी हो. ऐसा लगता है कि सरकार डरी हुई है.

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'... तब तक बाल नहीं मुंडवाऊंगा'

इधर, कांग्रेस नेता कौस्तुभ बागची को कोलकाता में बैंकशाल कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्होंने अपने बाल मुंडवाने और इसे तब तक नहीं बढ़ाने की कसम खाई, जब तक कि वे पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर नहीं कर देते. कौस्तुभ बागची ने कहा- मेरे बाल मुंडवाना विरोध का प्रतीक है. जब तक मैं ममता बनर्जी को कुर्सी से नहीं हटवा देता है, मैं अपने बाल नहीं बढ़ाऊंगा. मैं अब उनकी नींद उड़ा दूंगा.

अगर जमीर है तो माफी मांग लो: टीएमसी

तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस नेता के बयान की आलोचना की. वरिष्ठ मंत्री डॉ. शशि पांजा ने दावा किया कि अगर बागची में विवेक है तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए. कौस्तभ बागची ने दीदी कहलाने वाली एक महिला पर भद्दी टिप्पणी की है. हम दुर्गा के सामने पूजा करते हैं. देश क्या सोचेगा जहां महिला का सम्मान इतना ऊंचा है? राज्य में महिलाएं राजनीति में नेतृत्व कर रही हैं. हम गाली के खिलाफ लड़ रहे हैं. एक महिला के साथ दुर्व्यवहार होने पर चुप रहने वाले भी इसका समर्थन कर रहे हैं. इसका समर्थन न करें, एक महिला के खिलाफ बयान की निंदा करें. अगर जमीर है तो माफी मांग लो, तुम छोटे नहीं हो जाओगे.

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