कर्नाटक में इन दिनों गैस की किल्लत ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है. आलम यह है कि एलपीजी सिलेंडरों की कमी की वजह से अब लोग लकड़ियों की ओर भाग रहे हैं. ऐसे में राज्य के जंगलों पर खतरा मंडराने लगा है. इसे देखते हुए कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने सख्त रुख अपनाया है और अधिकारियों को दो टूक चेतावनी जारी की है.
दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात की वजह से दुनियाभर में गैस सप्लाई पर असर पड़ा है. इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है. राज्य में घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल सिलेंडरों की कमी हो गई है. अब जिन रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट और होमस्टे को खाना पकाने के लिए गैस नहीं मिल रही, वे जलाऊ लकड़ी का जुगाड़ करने में लग गए हैं. वन विभाग को डर है कि इस चक्कर में लोग जंगलों से अवैध रूप से पेड़ काटना शुरू कर सकते हैं.
यह भी पढ़ें: डिलीवरी बॉय की गुंडई, कस्टर को बुरी तरह पीटा... टूट गई नाक
मंत्री की अधिकारियों को दो टूक चेतावनी
वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने विभाग के आला अधिकारियों को लिखित निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जंगलों और सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से पेड़ काटने की घटनाओं को रोकने के लिए गश्त और निगरानी बढ़ा दी जाए. उन्होंने अधिकारियों को सतर्क करते हुए कहा कि अगर कहीं भी अवैध कटाई हुई, तो इसके लिए संबंधित रेंज ऑफिसर और स्टाफ को जिम्मेदार माना जाएगा.
जंगलों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, वन मंत्री ने विभाग की प्रमुख मीनाक्षी नेगी को आदेश दिया है कि सभी वन मंडलों में एहतियाती कदम उठाए जाएं. जंगलों से सटे इलाकों में खास नजर रखने को कहा गया है ताकि लकड़ी माफिया या आम लोग ईंधन की तलाश में पेड़ों को नुकसान न पहुंचाएं.
दरअसल, कर्नाटक के कई इलाकों से खबरें आ रही हैं कि गैस की सप्लाई रुकने की वजह से लोग अब पुराने दौर की तरह चूल्हे जलाने की तैयारी कर रहे हैं. अगर समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई, तो राज्य के हरे-भरे जंगलों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है.
aajtak.in