ईरान को 'स्टोन एज' में पहुंचाना चाहते हैं ट्रंप! जानिए 26 लाख साल पहले कैसी थी इंसानों की जिंदगी

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के बीच US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ईरान को 'स्टोन एज' में भेजने का जिक्र करते रहे हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि स्टोन एज यानी पाषाण काल क्या था और उस वक्त इंसानों की जिंदगी कैसी थी.

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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जिस 'स्टोन एज' में पीछे धकेलने की बात कही, उस वक्त इंसानों के पास सिर्फ पत्थर के हथियार थे (Photo - ITG) डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जिस 'स्टोन एज' में पीछे धकेलने की बात कही, उस वक्त इंसानों के पास सिर्फ पत्थर के हथियार थे (Photo - ITG)

सिद्धार्थ भदौरिया

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:37 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट में चल रही जंग को लेकर यह बयान दिया है कि हमनें ईरान को इस कदर तबाह किया है कि 'स्टोन एज'में पहुंच चुका है. ऐसे में परमाणु हथियार बनाना तो बहुत दूर की बात है. दरअसल, ट्रंप ने 'स्टोन एज' का जिक्र ईरान पर हमला करने के मकसद को दोहराते हुए किया था. उन्होंने बताया कि वह ईरान को परमाणु शक्ति संपन्न नहीं होने देना चाहते थे. इस वजह से उस पर हमला किया गया और अब वह इतना बर्बाद हो चुका है और उसकी तकनीकी क्षमता इतनी तबाह हो गई है कि ईरान 'स्टोन एज' यानी पाषाण युग में पहुंच गया है. ऐसे में परमाणु हथियार बनाना उसके लिए दूर की कौड़ी है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि 'स्टोन एज' क्या था और उस दौर में इंसानों की जिंदगी कैसी थी. 

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स्टोन एज या पाषाण युग, स्टोन का हिंदी में अर्थ पत्थर या पाषाण होता. इस वजह से इसे पाषाण काल या पाषाण युग कहते हैं. क्योंकि,  प्रागैतिहासिक काल में उस समय मनुष्य पत्थर के औजारों का इस्तेमाल करते थे. यह दौर लगभग 25 लाख वर्षों तक चला. इस पाषाण युग का अंत लगभग 5000 वर्ष पूर्व हुआ.  यानी इंसानों ने इस धरती पर सबसे ज्यादा समय तक स्टोन एज में ही सर्वाइव किया है.

इतने लाखों वर्षों तक हम इंसान प्रिमिटिव यानी अपनी एकदम शुरुआती अवस्था में थे और इंसानों के विकास की दर एकदम धीमी थी. 3300 ईसा पूर्व की बात है जब इंसानों का परिचय धातु से हुआ और हमने पत्थरों का इस्तेमाल छोड़ दिया. इस तरह देखें तो आज हम जिस भी हाल में हैं, वो हाल-फिलहाल की बात लगती है.  ईसा पूर्व सिर्फ 3 हजार साल पहले मनुष्यों ने धातु पर काम करना और कांसे से औजार और हथियार बनाना शुरू किया.

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इतने लंबे 'स्टोन एज'के दौरान इंसान इस ग्रह पर अकेले नहीं थे.  इंसानों की तरह ही कुछ अलग प्रजातियां थीं, जिन्हें हमारा नजदीकी रिश्तेदार यानी होमिनिन कहा जाता है, जो विलुप्त हो चुके हैं. इनमें निएंडरथल और डेनिसोवन शामिल थे.

स्टोन एज कब था?
स्टोन एज की शुरुआत लगभग 26 लाख वर्ष पूर्व हुई थी, जब शोधकर्ताओं को मानव द्वारा पत्थर के औजारों के इस्तेमाल के सबसे शुरुआती प्रमाण मिले. यह युग लगभग 3300 ईसा पूर्व तक चला. इसके बाद कांस्य युग की शुरुआत हुई. स्टोन एज को आमतौर पर तीन अलग-अलग कालों में बांटा गया है -  पुरापाषाण काल (Paleolithic Period), मध्यपाषाण काल  (Mesolithic Period)​​और नवपाषाण काल (Neolithic Period).

कुछ विशेषज्ञों का मानना ​​है कि पत्थर के औजारों का इस्तेमाल हमारे प्राइमेट पूर्वजों में और भी पहले विकसित हुआ होगा, क्योंकि बोनोबोस सहित कुछ आधुनिक वानर भी भोजन प्राप्त करने के लिए पत्थर के औजारों का इस्तेमाल करते थे. पत्थर के औजार बनाने या उनका इस्तेमाल करने वाले पहले प्राणी मनुष्य नहीं थे. लगभग 33 लाख वर्ष पूर्व, केन्या में तुर्काना झील के तट पर रहने वाली एक प्राचीन प्रजाति ने यह उपलब्धि हासिल की थी. ये होमो वंश के सबसे शुरुआती मेंबर के विकास से भी  700,000 वर्ष पहले यहां रहते थे. 

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पाषाण युग के शुरुआत में मनुष्य छोटे, खानाबदोश समूहों में रहते थे. इस काल के अधिकांश समय में, पृथ्वी हिमयुग की चपेट में थी. यह एक ऐसा दौर था जब पृथ्वी का तापमान काफी कम था और विशाल बर्फ की नदियां बन रही थीं. उस वक्त  मैस्टोडॉन, बड़ी दांत वाली बिल्लियां, विशालकाय जमीनी स्लॉथ और अन्य बड़े विशालकाय जानवर धरती पर विचरण करते थे. 

पाषाण युग के मनुष्य ऊनी मैमथ, विशालकाय बाइसन और हिरण जैसे बड़े जीवों का शिकार करते थे. फिर इनके मांस को काटने, कूटने और कुचलने के लिए पत्थर के औजारों का इस्तेमाल करते थे, जिससे वे अपने पूर्वजों की तुलना में जानवरों और पौधों से मांस और अन्य न्यूट्रिशंस निकालने में अधिक कुशल थे.

पाषाण युग के हथियार
स्टोन एज की जिंदगी और पाषाण युग के लोगों के बारे में हमें जो कुछ भी पता है, उसका अधिकांश हिस्सा उनके द्वारा छोड़े गए औजारों से ही मिलता है. हथौड़े के आकार के औजार सबसे प्राचीन और सरलतम पत्थर के औजारों में से एक हैं. प्रागैतिहासिक मानव हथौड़े के आकार के औजारों का इस्तेमाल अन्य पत्थरों को तराशकर नुकीले टुकड़ों में बदलने के लिए करते थे. वे हथौड़े के आकार के औजारों का इस्तेमाल मेवे, बीज और हड्डियों को तोड़ने और मिट्टी को पीसकर रंग बनाने के लिए भी करते थे.

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आर्कियोलॉजिस्ट  इन सबसे पुराने पत्थर के औजारों को ओल्डोवन औजारों का समूह कहते हैं. लगभग 26 लाख वर्ष पुराने ओल्डोवन पत्थर के औजारों की खोज सबसे पहले 1930 के दशक में पुरातत्वविद लुई लीकी ने तंजानिया में की थी. ओल्डोवन औजार बनाने वाले अधिकांश लोग दाएं हाथ से काम करने वाले थे, जिससे विशेषज्ञों का मानना ​​है कि मानव इतिहास में बहुत पहले ही हाथ का इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति विकसित हो गई थी.

स्टोन एज के युद्ध
मनुष्यों के पास भाले और अन्य औजार बनाने की तकनीक थी जिनका इस्तेमाल हथियारों के रूप में किया जा सकता था, लेकिन स्टोन एज के युद्धों के बहुत कम प्रमाण मिलते हैं.अधिकांश शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि अधिकांश क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व इतना कम था कि समूहों के बीच हिंसक संघर्ष नहीं हो पाता था. पाषाण युग के युद्ध संभवतः बाद में शुरू हुए होंगे जब मनुष्य बसने लगे और कृषि उत्पादों के रूप में आर्थिक मुद्रा स्थापित की.

स्टोन एज में ऐसे शिकारी से किसान बने इंसान
लगभग 14,000 वर्ष पूर्व, पृथ्वी एक गर्म युग में प्रवेश कर गई. हिमयुग के कई बड़े जानवर विलुप्त हो गए. बर्फ के पिघलने से नई जमीन बाहर निकली. यह पश्चिम में मेडिटेरियन सागर और पूरब में फारस की खाड़ी से घिरा एक घुमावदार क्षेत्र उपजाऊ अर्धचंद्र ( फर्टाइल क्रिसेंट) है.  जैसे-जैसे तापमान बढ़ा, इस इलाके में जंगली गेहूं और जौ प्रचुर मात्रा में उगने लगे. इसी इलाके में कुछ मनुष्यों ने स्थायी घर बनाना शुरू कर दिया और बस्तियां बसने लगीं.  उन्होंने अपने हिमयुग के पूर्वजों की खानाबदोश जीवनशैली को छोड़कर खेती करना शुरू कर दिया.

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अमेरिका में मानव निर्मित कलाकृतियां भी लगभग इसी समय से दिखाई देने लगती हैं. विशेषज्ञ अभी तक निश्चित रूप से नहीं जानते कि ये पहले अमेरिकी कौन थे या वे कहां से आए थे? हालांकि, कुछ प्रमाण हैं कि ये पाषाण युग के लोग एशिया और उत्तरी अमेरिका के बीच बने एक पैदल पुल का अनुसरण करते हुए आए होंगे, जो अंतिम हिमयुग के अंत में ग्लेशियरों के पिघलने से जलमग्न हो गया था.

स्टोन एज की कहानी बताती कलाकृतियां
पत्थर से बनी कलाकृतियां मानवविज्ञानी को शुरुआती मनुष्यों के बारे में बहुत कुछ बताती हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि वे चीजें कैसे बनाते थे, वे कैसे रहते थे और समय के साथ मानव व्यवहार कैसे विकसित हुआ.

पाषाण युग की कला में मानव आकृति का सबसे पुराना आर्टफैक्ट हाथीदांत से बनी एक छोटी महिला की मूर्ति है.इस मूर्ति को जर्मनी की उस गुफा के नाम पर 'वीनस ऑफ होहले फेल्स' कहा जाता है, जहां यह मिली थी. यह लगभग 40,000 वर्ष पुरानी है.पाषाण युग के दौरान मनुष्यों ने हथौड़ों और पत्थर की छेनी का उपयोग करके गुफाओं की दीवारों पर प्रतीक और चिह्न उकेरना शुरू कर दिया था.

ये प्रारंभिक भित्ति चित्र, जिन्हें पेट्रोग्लिफ्स कहा जाता है, जानवरों के दृश्यों को दर्शाते हैं. इनमें से कुछ का उपयोग प्रारंभिक मानचित्रों के रूप में किया गया होगा, जिनमें पगडंडियां, नदियां, लैंडमार्क, खगोलीय चिह्न और समय तथा तय की गई दूरी को दर्शाने वाले प्रतीक शामिल होते थे.

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पाषाण युग का भोजन
पाषाण युग के दौरान लोगों ने सबसे पहले मिट्टी के बर्तनों का उपयोग खाना पकाने और सामान रखने के लिए करना शुरू किया था.सबसे पुराने ज्ञात मिट्टी के बर्तन जापान के एक पुरातात्विक स्थल पर पाए गए थे. इस स्थल पर भोजन तैयार करने में इस्तेमाल किए गए मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े 16,500 वर्ष तक पुराने हो सकते हैं. स्टोन एज का भोजन समय के साथ और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होता था, लेकिन इसमें शिकारी-संग्रहकर्ताओं के विशिष्ट खाद्य पदार्थ शामिल थे. मांस, मछली, अंडे, घास, कंद, फल, सब्जियां, बीज और मेवे.

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