फुजैरा पोर्ट क्या है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तनाव के बीच UAE का यह ऑयल हब क्यों अहम है

फुजैराह बंदरगाह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ठीक बाहर, ओमान की खाड़ी पर स्थित है. आंकड़ों के अनुसार, इस बंदरगाह से हर दिन औसतन करीब 17 लाख बैरल कच्चा तेल और रिफाइंड फ्यूल निर्यात किया जाता है.

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अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में फुजैराह की भूमिका बहुत अहम मानी जाती है. (Photo: fujairahport.ae) अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में फुजैराह की भूमिका बहुत अहम मानी जाती है. (Photo: fujairahport.ae)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात का Port of Fujairah (फुजैराह बंदरगाह ) एक बार फिर सुर्खियों में है. हाल ही में ड्रोन के मलबे से नुकसान और आग लगने की घटना के कारण यहां कुछ समय के लिए गतिविधियां प्रभावित हो गई थीं. हालांकि, स्थिति पर काबू पाने के बाद बंदरगाह ने रविवार को फिर से तेल लोडिंग और जहाजों की आवाजाही शुरू कर दी. यह खबर वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए राहत भरी मानी जा रही है, क्योंकि फुजैराह दुनिया के प्रमुख तेल निर्यात और समुद्री ईंधन केंद्रों में से एक है. 

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Strait of Hormuz के पास होने से बढ़ता है महत्व
दरअसल, फुजैराह बंदरगाह ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित है और यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ठीक बाहर पड़ता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील तेल मार्गों में से एक है, जहां से हर दिन बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है. ऐसे में फुजैराह का स्थान रणनीतिक रूप से बेहद अहम हो जाता है, क्योंकि यहां से तेल को इस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे बिना भी निर्यात किया जा सकता है. यही वजह है कि क्षेत्र में किसी भी तरह के तनाव या संघर्ष के दौरान इस बंदरगाह की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. अगर यहां किसी कारण से जहाजों की आवाजाही रुक जाती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है. ऐसे में फुजैराह बंदरगाह एक वैकल्पिक और सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराता है, जिससे तेल व्यापार जारी रह सके.

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हर दिन लाखों बैरल तेल का निर्यात
आंकड़ों के अनुसार, इस बंदरगाह से हर दिन औसतन करीब 17 लाख बैरल कच्चा तेल और रिफाइंड फ्यूल निर्यात किया जाता है. यह मात्रा दुनिया की कुल दैनिक तेल मांग का लगभग 1.7 प्रतिशत है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में फुजैराह की भूमिका बहुत अहम मानी जाती है.

समुद्री ईंधन का भी बड़ा केंद्र
फुजैराह सिर्फ तेल निर्यात के लिए ही नहीं, बल्कि जहाजों में ईंधन भरने के लिए भी एक बड़ा केंद्र है. यहां से जहाजों को बड़ी मात्रा में समुद्री ईंधन मिलता है. इसी कारण यह दुनिया के सबसे बड़े समुद्री ईंधन बाजारों में शामिल है. इस मामले में यह सिंगापुर, रॉटरडैम और झोउ शान के बाद चौथे स्थान पर आता है.

पाइपलाइन से सीधे पहुंचता है तेल
संयुक्त अरब अमीरात के लिए फुजैराह बंदरगाह इसलिए भी खास है, क्योंकि यहां तक तेल सीधे पाइपलाइन के जरिए पहुंचाया जाता है. Abu Dhabi Crude Oil Pipeline के माध्यम से अबू धाबी के तेल क्षेत्रों से कच्चा तेल फुजैराह तक लाया जाता है. इस पाइपलाइन की क्षमता करीब 15 लाख बैरल प्रतिदिन है. इससे तेल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ती.

भंडारण और मिश्रण का बड़ा केंद्र
फुजैराह बंदरगाह की भंडारण क्षमता लगभग 18 मिलियन क्यूबिक मीटर है. यहां कच्चे तेल और ईंधन को स्टोर करने के साथ-साथ उन्हें मिलाकर नए पेट्रोलियम उत्पाद भी बनाए जाते हैं. इस प्रक्रिया को तेल उद्योग में ब्लेंडिंग कहा जाता है. ब्लेंडिंग के जरिए गैसोलीन और बंकर फ्यूल जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जो जहाजों और वाहनों में इस्तेमाल होते हैं.

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कई बड़ी कंपनियां करती हैं काम
इस बंदरगाह पर दुनिया की कई बड़ी तेल और भंडारण कंपनियां काम करती हैं, जैसे ADNOC, Vitol, VTTI और Vopak.यही कारण है कि फुजैराह पश्चिम एशिया में तेल और ईंधन के भंडारण का सबसे बड़ा व्यावसायिक केंद्र बन चुका है.

क्यों जरूरी है फुजैराह
कुल मिलाकर फुजैराह बंदरगाह सिर्फ यूएई के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के तेल बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. अगर यहां कामकाज बाधित होता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर भी असर पड़ सकता है. यही वजह है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इस बंदरगाह पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहती है.

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