आखिर ये ब्लड डायमंड है क्या... क्यों जंग के बीच बढ़ जाती है इसकी चर्चा?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ‘ब्लड डायमंड जैसे शब्द सुर्खियों में हैं. चमकते हीरों के पीछे छिपी जंग, अवैध कारोबार और फंडिंग की ये कहानी सिर्फ अफ्रीका तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब इजरायल-ईरान जैसे बड़े संघर्षों से भी जुड़ती नजर आ रही है. आखिर कैसे हीरे जंग का ईंधन बनते हैं, और क्या सच में इनका कनेक्शन आज की लड़ाइयों से है.जानिए इस पूरी कहानी में.

Advertisement
ब्लड डायमंड यानी ऐसे हीरे, जो संघर्ष वाले इलाकों में अवैध तरीके से निकाले जाते हैं (Photo: Getty) ब्लड डायमंड यानी ऐसे हीरे, जो संघर्ष वाले इलाकों में अवैध तरीके से निकाले जाते हैं (Photo: Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

साल 2006 में आई हॉलीवुड फिल्म ब्लड डायमंड ने दुनिया के सामने एक ऐसी हकीकत रखी, जो अक्सर चमक-दमक के पीछे छिप जाती है. फिल्म में लियोनार्डो डिकैप्रियो, जेनिफर कोनेली और जिमोन हाउंसू ने काम किया था. कहानी सिएरा लियोन के गृहयुद्ध के दौर की है, जहां एक कच्चे हीरे के लिए लोग जान जोखिम में डाल देते हैं.

आज मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ‘ब्लड डायमंड’ जैसे शब्द फिर चर्चा में हैं. ये शब्द सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि उस कड़वी सच्चाई की ओर इशारा करते हैं, जहां प्राकृतिक संसाधन भी जंग को हवा दे सकते हैं.

Advertisement

 ब्लड डायमंड क्या होते हैं

ब्लड डायमंड यानी ऐसे हीरे, जो संघर्ष वाले इलाकों में अवैध तरीके से निकाले जाते हैं. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इनकी बिक्री से मिलने वाला पैसा सशस्त्र समूहों और युद्ध को फंड करने में इस्तेमाल होता है.ये हीरे मुख्य रूप से अफ्रीका के देशों-सिएरा लियोन, अंगोला, लाइबेरिया और कांगो में पाए जाते हैं. इन इलाकों में खनन के दौरान जबरन मजदूरी, बाल श्रम और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएं सामने आती रही हैं.

 कहां से शुरू हुई चर्चा

यह मुद्दा 1990 के दशक में सिएरा लियोन के गृहयुद्ध के दौरान दुनिया के सामने आया. उस समय विद्रोही समूहों ने हीरों के जरिए पैसा जुटाकर संघर्ष को लंबा खींचा.रॉयटर्स के मुताबिक, अफ्रीका के कई हिस्सों में हीरों का अवैध कारोबार लंबे समय तक हिंसा का कारण बना रहा.

Advertisement

इस समस्या से निपटने के लिए 2003 में किम्बर्ली प्रोसेस शुरू किया गया. यह एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था है, जिसका मकसद अवैध हीरों के व्यापार को रोकना है.हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रणाली में कई कमियां हैं और आज भी कुछ इलाकों में ब्लड डायमंड का कारोबार जारी है.

इजरायल का डायमंड कारोबार और उठते सवाल

इजरायल के पास अपनी हीरा खदानें नहीं हैं, लेकिन वह दुनिया के बड़े डायमंड प्रोसेसिंग और ट्रेडिंग केंद्रों में शामिल है. यहां अफ्रीका से कच्चे हीरे आयात किए जाते हैं और उन्हें काट-चमकाकर निर्यात किया जाता है.

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस उद्योग से होने वाली कमाई का एक हिस्सा देश के सुरक्षा और सैन्य ढांचे को मजबूती देता है. वहीं, कुछ स्रोतों ने यह आरोप भी लगाए हैं कि अफ्रीका से आने वाले कुछ हीरे ‘कंफ्लिक्ट डायमंड’ हो सकते हैं, जिन्हें प्रोसेस कर बाजार में बेचा जाता है.हालांकि, इजरायल इन आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि वह किम्बर्ली प्रोसेस के नियमों का पालन करता है.

विश्लेषकों के मुताबिक, जंग में सीधे तौर पर हीरों का इस्तेमाल नहीं दिखता, लेकिन फंडिंग के स्रोत अहम होते हैं.कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान समर्थित समूहों जैसे हिजबुल्लाह की फंडिंग में अवैध कारोबार, जिसमें हीरों का व्यापार भी शामिल बताया जाता है, भूमिका निभाता है.वहीं, दूसरी ओर यह भी कहा जाता है कि वैश्विक डायमंड ट्रेड से जुड़ी अर्थव्यवस्थाएं अप्रत्यक्ष रूप से सैन्य ढांचे को सहारा देती हैं.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement