उत्तराखंड में पर्यटन को नई दिशा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. सोमवार को ऋषिकेश के पशुलोक बैराज पर सी-प्लेन (जल विमान) का सफल ट्रायल किया गया. इस ट्रायल के दौरान विमान पानी पर आसानी से उतरा और उड़ा, जो राज्य में सी-प्लेन सेवा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
स्काईहॉप एविएशन कंपनी की ओर से यह ट्रायल किया गया. जिसमें 19 सीटर सी-प्लेन को गंगा नदी के पशुलोक बैराज जलाशय पर उतारा गया. उत्तराखंड जल विद्युत निगम (UJVN लिमिटेड) के सहयोग से ट्रायल पूरा किया गया.
ट्रायल के दौरान सी-प्लेन ने पानी पर सुरक्षित लैंडिंग की और दो बार टेकऑफ भी किया. विशेषज्ञों ने पूरे ऑपरेशन की निगरानी की. भारी संख्या में लोगों ने ट्रायल देखा. अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने इस सफल परीक्षण का स्वागत किया और इसे ऐतिहासिक पल बताया.
बता दें कि सी-प्लेन ऐसी सेवा है जो पानी पर उतर और उड़ सकती है. उत्तराखंड में कई बड़ी झीलें और नदियां हैं, जैसे टिहरी झील, नैनीताल की झीलें और गंगा नदी. इन जगहों पर सी-प्लेन सर्विस शुरू होने से दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचना आसान होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क यात्रा मुश्किल होती है. ऐसे में सी-प्लेन से त्वरित हवाई संपर्क बनेगा. बाढ़ या भूस्खलन जैसी आपदाओं में राहत सामग्री और टीमों को जल्दी पहुंचाया जा सकेगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में टिहरी, नैनीताल जैसी जगहों पर भी सी-प्लेन सेवा शुरू करने की योजना है.
इस सफल ट्रायल के बाद उम्मीद है कि जल्द ही उत्तराखंड की झीलों और नदियों पर नियमित सी-प्लेन सेवा शुरू हो जाएगी. इससे पर्यटक हरिद्वार-ऋषिकेश से टिहरी या नैनीताल तक आसानी से पहुंच सकेंगे.
अंकित शर्मा