उत्तराखंड के नैनीताल में रविवार दोपहर को ऐसा मंजर सामने आया, जिसने सबको हिला दिया. वार्ड नंबर 7 में स्थित ब्रिटिश काल की पुरानी कोठी 'ग्लेनमोर' में अचानक भीषण आग लग गई. यह कोठी मुख्य रूप से लकड़ी से बनी थी, इसलिए आग ने पलक झपकते ही पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया.
हादसे के वक्त इस पुरानी कोठी में ललित मोहन तिवारी और अनिल जोशी के परिवार रह रहे थे. ललित तिवारी तो आज दोपहर में ही होली की छुट्टियां मनाने यहां पहुंचे थे, उन्हें क्या पता था कि कुछ ही घंटों में उनकी आंखों के सामने सब कुछ जलकर राख हो जाएगा. गनीमत यह रही कि जैसे ही आग लगी, पड़ोसियों ने धुआं देख लिया और शोर मचा दिया, जिससे दोनों परिवारों को वक्त रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
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धूं-धूं कर जल गई लकड़ी की विरासत
स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, आग बेकाबू हो चुकी थी. लकड़ी की बनी होने की वजह से कोठी आग का गोला बन गई थी. दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक अंग्रेजों के दौर की यह ऐतिहासिक इमारत पूरी तरह जलकर मलबे में तब्दील हो चुकी थी. घर में रखा सारा सामान कोयला बन गया.
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आग लगने की वजह अब भी सस्पेंस
तल्लीताल पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में कोई जानहानि तो नहीं हुई है, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर इतनी भीषण आग लगी कैसे. पुलिस और दमकल विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है कि कहीं यह शॉर्ट सर्किट का नतीजा तो नहीं था.
लीला सिंह बिष्ट