उत्तराखंड: कोटद्वार में दुकान के नाम पर बवाल, पुलिस ने 'मोहम्मद' दीपक समेत कई लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR

कोटद्वार में एक दुकान के नाम को लेकर बजरंग दल के विरोध प्रदर्शन के बाद तनाव फैल गया. पुलिस ने शांति भंग और आपसी झड़पों के आरोप में तीन केस दर्ज किए. हालात काबू में रखने के लिए फ्लैग मार्च किया गया और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई की है.

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कोटद्वार में दुकान के नाम से शुरू हुआ था विवाद जिसमें 'मोहम्मद' दीपक ने बीचबचाव किया था.  (Photo: Screengrab) कोटद्वार में दुकान के नाम से शुरू हुआ था विवाद जिसमें 'मोहम्मद' दीपक ने बीचबचाव किया था. (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • देहरादून,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:34 AM IST

उत्तराखंड के कोटद्वार में एक दुकान के नाम को लेकर उपजे विवाद के बाद अब पुलिस ने एक्शन लिया है. बजरंग दल के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं. पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

दरअसल, यह विवाद कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित “बाबा ड्रेस” नामक दुकान को लेकर शुरू हुआ, जो मोहम्मद शोएब की बताई जा रही है. बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दुकान का नाम “सिद्धबली बाबा”, कोटद्वार के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर, से भ्रम पैदा कर सकता है और इसे बदलने की मांग की.

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पुलिस के अनुसार, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने करीब ढाई महीने पहले शोएब पर नाम बदलने का दबाव बनाया था. शोएब ने दुकान शिफ्ट करने के बाद नाम बदलने का आश्वासन दिया था, लेकिन पटेल मार्ग पर नई जगह दुकान खोलने के बाद भी विरोध जारी रहा. 28 जनवरी को प्रदर्शनकारियों और शोएब के बीच झड़प हुई, जिसमें शोएब के दोस्त दीपक कुमार ने बीच-बचाव किया.

स्थिति 31 जनवरी को तब और बिगड़ गई जब गौ रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उनियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दुकान के बाहर जमा हो गए. भीड़ ने जमकर नारेबाजी की और ऑनलाइन विवादित पोस्ट का आरोप लगाते हुए 'मोहम्मद' दीपक कुमार की गिरफ्तारी की मांग की. पुलिस ने तुरंत दखल देकर मामले को शांत कराया, जिससे कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई.

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तीन एफआईआर दर्ज

स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और बड़े टकराव को टाल दिया. इसके बाद पुलिस ने रविवार को तीन अलग-अलग केस दर्ज किए. पहला केस 30–40 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग, सरकारी काम में बाधा और पुलिस से धक्का-मुक्की के आरोप में दर्ज किया गया. दूसरा केस स्थानीय निवासी वकील अहमद की शिकायत पर गाली-गलौज और जातिसूचक भाषा के इस्तेमाल को लेकर दर्ज हुआ. तीसरा केस कमल प्रसाद की शिकायत पर दीपक कुमार और अन्य के खिलाफ धमकी और अपमानजनक भाषा के आरोप में दर्ज किया गया.

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए 1 फरवरी को कोटद्वार में फ्लैग मार्च किया गया. पुलिस ने बाजारों, संवेदनशील इलाकों और रिहायशी क्षेत्रों में पैदल गश्त कर लोगों से शांति, संयम और भाईचारा बनाए रखने की अपील की.

वायरल हुआ था वीडियो

घटना के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था.  वीडियो में दिख रहे शख्स ने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था. दीपक ने कहा, 'हम अपने दोस्तों के साथ 26 जनवरी के दिन इंजॉय कर रहे थे तभी बगल में देखा कि एक बुजुर्ग व्यक्ति की दुकान में कुछ बजरंग दल के लोग आए और उन्होंने बुजुर्ग शख्स के साथ काफी बदतमीजी की. हमने उनसे पूछा की दुकान का नाम क्यों बदलना है वह नाम को लेकर बोल रहे थे तो उन्होंने कहा कि यह बाबा नाम हमारे सिद्धबली बाबा का नाम है,मैंने उनको बोला की बाबा तो हर जाति में लिखा जाता है बच्चों को भी बाबा बोला जाता है, बुजुर्गों के बाबा बोला जाता है. जब उन्होंने मुझ से मेरा नाम पूछा तो वैसे तो मेरा नाम दीपक कुमार है पर लेकिन मैंने उनको अपना नाम मोहम्मद दीपक बता दिया वह मैंने इसलिए कहा कि हिंदू मुस्लिम हम सब एक हैं.'

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