उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें 28 साल के युवक की जान चली गई. अनुमान लगाया जा रहा है कि जंगल में लगी आग के कारण पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे. इसी दौरान बाइक सवार चपेट में आ गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
एजेंसी के अनुसार, यह घटना गंगोत्री नेशनल हाईवे पर गणेशपुर और नेटाला के बीच, बराहाट रेंज क्षेत्र में हुई. मृतक की पहचान 28 वर्षीय मयंक पंवार के रूप में हुई है, जो लाटा गांव का रहने वाला था. मयंक अपनी बाइक से हाइवे पर जा रहा था, तभी अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे. इन पत्थरों की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
स्थानीय लोगों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया. लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी.एस. पोखरियाल ने बताया कि युवक को गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं, जिनके कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
यह भी पढ़ें: दिल्ली से दार्जिलिंग तक आसमानी आफत, बेमौसम बारिश-भूस्खलन से तबाही
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह हादसा वन विभाग की लापरवाही का नतीजा है. उनका कहना है कि पिछले दो दिनों से आसपास की पहाड़ियों में जंगल की आग लगी हुई है, लेकिन इसे बुझाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए. आग के कारण पहाड़ी की मिट्टी और चट्टानें कमजोर हो गईं, जिससे पत्थर गिरने लगे और यह हादसा हो गया.
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जंगल की आग लगातार फैल रही है और अब यह सड़क और रिहायशी इलाकों के करीब पहुंचने लगी है. इससे इलाके में रहने वाले लोगों में डर और चिंता का माहौल है. उनका कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह एक बड़े हादसे या आपदा का रूप ले सकती है.
कैसे कंट्रोल होगी जंगल की आग?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जंगल की आग को कंट्रोल किया जाए और हाइवे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी और संकेतक की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से लोगों की जान बचाई जा सके. प्रशासन का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जंगल की आग को कंट्रोल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
aajtak.in