योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की जिद काम कर गई. राजभर को बीती रात बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने का बुलावा आ गया और मंगलवार की सुबह उन्होंने दिल्ली की फ्लाइट भी पकड़ ली.
से बेहद नाराज और अति पिछड़ी 'राजभर' जाति में अच्छा रसूख रखने वाले राजभर दोपहर करीब दो बजे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलकर अपने गिले-शिकवे दूर करेंगे.
के अलावा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे.
राज्य सरकार में मंत्री ने योगी सरकार के सालगिरह के दिन अपनी जगजाहिर कर बीजेपी के सामने बड़ी दुविधा खड़ी कर दी थी. उनके बगावती रुख को देखते हुए योगी सरकार की पहली सालगिरह का जश्न भी फीका पड़ गया था.
अपनी उपेक्षा से नाराज हैं राजभर
राजभर प्रदेश सरकार में अपनी उपेक्षा से बेहद नाराज हैं. वह बीजेपी के मंत्रियों द्वारा उन पर सार्वजानिक रूप से की जा रही टिप्पणियों से खफा हैं. साथ ही वह बीजेपी की ओर से अन्य राजभर जाति के नेताओं को दी जा रही तवज्जो से भी खुश नहीं हैं.
राजभर की नाराजगी यही तक नहीं है, वह मंत्रिमंडल में मिले अपने पोर्टफोलियो से भी नाराज हैं. वह इतने खफा हैं कि योगी के मनाए जाने के बाद भी उनकी नाराजगी खत्म नहीं हुई.
ऐन मौके पर दिखाई नाराजगी
अपनी नाराजगी की अहमियत दिखाने के लिए उन्होंने राज्यसभा चुनाव से पहले का वक्त भी चुना. यही वजह है कि उन्होंने जब राज्यसभा चुनाव के बहिष्कार और बीजेपी को वोट न देने की धमकी दी तो बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व हरकत में आ गया. बीजेपी के लिए यह चुनाव बेहद खास है क्योंकि यूपी में हाल में 2 सीटों पर हुए उपचुनाव में उसे करारी शिकस्त मिली थी और अब राज्यसभा चुनाव में हार नहीं देखना चाहती.
राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के लिए राजभर की पार्टी का समर्थन काफी अहम है क्योंकि उसके पास चार विधायक हैं और इतने विधायकों की गैरमौजूदगी बीजेपी के लिए नुकसानदेय साबित हो सकती है.
अन्य सहयोगी भी हो रहे बागी
उपचुनाव के बाद केंद्र की तरह उत्तर प्रदेश में भी सहयोगी दलों की नाराजगी धीरे-धीरे खुलकर सामने आ रही है. राजभर के बगावती तेवर से बीजेपी वाकिफ है इसीलिए दूसरी सहयोगी दल 'अपना दल' जैसी अन्य पार्टियां भी अपना हित साधने में जुट गई हैं.
मंत्री राजभर ने भी अपना आखिरी तुरुप का पता चल दिया है और अब वो अपनी नाराजगी सीधे अमित शाह के स्तर पर रखेंगे, देखना यह है कि बीजेपी ओमप्रकाश राजभर की नाराजगी को फिलहाल के लिए रोक पाती है या नहीं.
कुमार अभिषेक