UP: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को लेकर CM योगी का बड़ा ऐलान, 2022 चुनाव साधने की कवायद

सीएम योगी ने लगातार दूसरे दिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जायजा लिया और साथ ही गाजीपुर-आजमगढ़ में अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निरक्षण किया. साथ ही उन्होंने  31 मार्च तक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का काम करने और अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा उद्घाटन कराने की बात कही.

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली ,
  • 08 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 7:49 AM IST
  • सीएम योगी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का जायजा लिया
  • योगी ने अखिलेश यादव के गढ़ आजमगढ़ में रैली की
  • पूर्वांचल में 28 जिले और 164 विधानसभा सीटें आती हैं

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभी से अपने दुर्ग पूर्वांचल को सियासी तौर पर मजबूत रखने की कवायद में जुट गए हैं. सीएम योगी ने लगातार दूसरे दिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जायजा लिया और साथ ही गाजीपुर-आजमगढ़ में अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निरक्षण किया. उन्होंने 31 मार्च तक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का काम करने और अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा उद्घाटन कराने की बात कही. इतना ही नहीं योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ और अयोध्या में एक जनसभा को संबोधित कर पूर्वांचल के सियासी समीकरण को साधने की कोशिश की.

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पूर्वांचल की जंग फतह करने के बाद ही सूबे की सत्ता पर कोई पार्टी काबिज हो सकती है, लेकिन पिछले तीन दशक में पूर्वांचल का मतदाता कभी किसी एक पार्टी के साथ नहीं रहा. वह एक चुनाव के बाद दूसरे चुनाव में साथ छोड़कर दूसरे का साथ पकड़ता रहा है. सपा 2012 और बसपा 2007 में पूर्वांचल में बढ़िया प्रदर्शन करने के बाद भी इस इलाके पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए नहीं रख सकी थी. वहीं, योगी आदित्यनाथ खुद पूर्वांचल से हैं और 2017 के चुनाव में पूर्वांचल ने उन्हें गद्दी तक पहुंचाया है. बीजेपी इस बात को अच्छे से जानती है कि 2022 का विधानसभा चुनाव जीतना है तो पूर्वांचल को साधे रखना होगा. इसीलिए सीएम योगी पूर्वांचल के विकास योजना को जल्द के जल्द जमीन पर उतारने के लिए एक्टिव हो गए हैं. 

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का सीएम ने लिया जायजा
बता दें कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे सीएम योगी की महत्वाकांक्षी योजना है. 340 किमी लंबी परियोजना के तहत लखनऊ से आजमगढ़ होते हुए गाजीपुर तक छह लेन की सड़क का निर्माण किया जाना था, जिसे अब बढ़ाकर बलिया तक कर दिया गया है. अयोध्या में सीएम योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश आर्थिक गतिविधियों की रीड़ होगा और निवेश का रास्ता खुलेगा. इससे पूर्वांचल के लोगों को अपने ही गांव में रोजगार मिल सकेगा. उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे अपने तय समय सीमा से एक साल पहले बन रहा है. सीएम योगी ने कहा कि यहां से दिल्ली चार से पांच घंटे में पहुंच जाएंगे. सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया जाएगा. योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में भी जनसभा को संबोधित किया. 

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पूर्वांचल के 28 जिले की 164 सीटें आती हैं
पूर्वांचल में 28 जिले आते हैं, जो सूबे की राजनीतिक दशा और दिशा तय करते हैं. इनमें वाराणसी, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया, सिद्धार्थनगर, चंदौली, अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़, कौशांबी और अंबेडकरनगर जिले शामिल हैं. इन 28 जिलों में कुल 162 विधानसभा सीट शामिल हैं. वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे इस इलाके की ज्यादातर विधानसभा सीटों को कवर करेगा. 

पूर्वांचल में हर चुनाव में बदलता मिजाज
बीजेपी ने 2017 के चुनाव में पूर्वांचल की 164 में से 115 सीट पर कब्जा जमाया था जबकि सपा ने 17, बसपा ने 14, कांग्रेस 2 और अन्य को 16 सीटें मिली थी. ऐसे ही 2012 के चुनाव में सपा ने 102 सीटें जीती थीं जबकि बीजेपी को 17, बसपा को 22, कांग्रेस को 15 और अन्य को 8 सीटें मिली थीं. वहीं, 2007 में मायावती पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई थी तो पूर्वांचल की अहम भूमिका रही थी. बसपा 85 सीटें जीतने में कामयाब रही थी जबकि सपा 48, बीजेपी 13, कांग्रेस 9 और अन्य को 4 सीटें मिली थी. हालांकि, सपा और बसपा अपने जनाधार को मजबूत नहीं रख सकी है, लेकिन बीजेपी अब अपने समीकरण को मजबूत करने की कवायद में जुटी है. 

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दरअसल, बीजेपी ने चार साल पहले सूबे में कमल खिलाकर ही सत्ता का वनवास खत्म किया था, जिसका नतीजा था कि पार्टी ने पूर्वांचल के गोरखपुर से आने वाले योगी आदित्यनाथ को सत्ता की कमान सौंपी थी. बीजेपी ने 2017 में पूर्वांचल की 28 जिलों की 164 विधानसभा सीट में से 115 सीट जीतकर भले ही रिकॉर्ड बनाया हो, लेकिन कई जिलों में पार्टी सपा से पीछे रह गई थी. बीजेपी आजमगढ़ की 10 में से सिर्फ एक सीट, जौनपुर की 9 में से 4, गाजीपुर की 7 में से 3, अंबेडकरनगर की पांच में से 2 और प्रतापगढ़ की 7 में से दो सीटें ही जीत सकी थी. 

पूर्वांचल के इन जिलों में सपा सहित दूसरी पार्टियों ने परचम फहराया था. इसलिए बीजेपी पूर्वांचल पर खास फोकस कर रही है तो विपक्ष भी इसे अपनी सियासी प्रयोगशाला बनाने में जुट गया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी आजमगढ़ सहित पूर्वांचल इलाके में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और पिछले दिनों उन्होंने कई जिलों का दौरा किया था. इसमें आजमगढ़ से लेकर अयोध्या तक शामिल थे.  इतना ही नहीं सपा आजमगढ़ में एक कार्यालय भी स्थापित कर रही है तो बसपा और कांग्रेस ने भी पूर्वांचल से अपने प्रदेश अध्यक्ष बना रखे हैं. 

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पूर्वांचल के किले को मजबूत में जुटी बीजेपी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ, अयोध्या और गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य का जायजा लिया. इतना ही नहीं योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिक्सलेन एक्सप्रेस वे अप्रैल से आवागमन के लिए चालू कर दिया जाएगा. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे निर्माण से रोजगार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. एक्सप्रेसवे के आसपास औद्यौगिक अवस्थापना का काम युद्धस्तर पर होगा. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के इर्द गिर्द उद्योग लगने से हजारों युवाओं को नौकरियां मिल सकेंगी और पूर्वांचल देश का विकास मॉडल बनकर उभरेगा. इतना ही नहीं योगी ने कहा कि पूर्वांचल में माफिया विकास में बाधा थे,  उनके ऊपर चाबुक चलाकर पूर्वांचल के विकास को गति दिया गया है. पूर्वांचल से माफिया संस्कृति को सरकार ने समाप्त किया. हालांकि, देखना है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बीजेपी के लिए सियासी तौर पर कितना कारगर साबित होगा. 

 

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