देश भर में बैन नहीं होंगी डीजल कारें, NGT ने राज्यों से 3 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

एनजीटी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद राज्यों को तीन सप्ताह का समय दिया है और जवाब दाखिल करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी.

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ब्रजेश मिश्र / अनुषा सोनी

  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2016,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने मंगलवार को देश भर में डीजल कारों पर बैन लगाने से इनकार किया है. हालांकि ट्रिब्यूनल ने सभी राज्यों से तीन सप्ताह में प्रदूषण के आंकड़े पेश करने को कहा है. आंकड़ों में हर राज्य के सबसे ज्यादा प्रदूषित दो शहरों के बारे में भी जानकारी मांगी गई है.

एनजीटी ने राज्यों से कहा, 'वाहनों से, धूल से और आग लगाने से हुए प्रदूषणों के बारे में अलग-अलग डाटा पेश किया जाए. साथ ही दो के बारे में भी जानकारी दी जाए.'

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ऑटो सेक्टर से प्रदूषण, लेकिन फायदा भी...
सरकार की ओर से पेश हुईं एएसजी पिंकी आनंद ने से कहा कि मेक इन इंडिया के तहत देश में ऑटो इंडस्ट्री में 8 फीसदी एफडीआई है. यह सेक्टर ज्यादा रोजगार भी देता है. इसलिए इस मामले में एक लॉन्ग टर्म प्लान होना चाहिए, साथ ही प्रदूषण से निपटने के लिए छोटे और मीडियम टर्म प्लान भी बनाने होंगे.

2000सीसी की कारें नहीं हैं बड़ी वजह
ऑटो मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ने एनजीटी से कहा कि 2000सीसी की कारें प्रदूषण की मुख्य वजह नहीं हैं. वाहनों से प्रदूषण हो रहा है लेकिन इसे मुख्य वजह बताना उचित नहीं हैं.

11 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
एनजीटी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद राज्यों को तीन सप्ताह का समय दिया है और जवाब दाखिल करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी.

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