केरल के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 4 जिलों में खतरा

मई महीने में भारी बारिश और बाढ़ ने सैकड़ों लोगों की जिंदगी तबाह कर दी. कितने लोग मारे गए, तो कई लोग बेघर हो गए. बाढ़ के बाद लोगों की जिंदगी पटरी पर लौटी नहीं कि भारी बारिश की चेतावनी ने लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं.

Advertisement
केरल में बाढ़ की तस्वीर केरल में बाढ़ की तस्वीर

रविकांत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 11:34 AM IST

केरल के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. ने इडुक्की और वायनाड जिलों मे भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. केरल सीएमओ की ओर से कहा गया है कि पथानामथिट्टा, इडुक्की और वायनाड जिलों में 25 सितंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.

पल्लकड़, इडुक्की, त्रिशूर और वायनाड जिले में 26 सितंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने इन जिलों में भारी बारिश (64.4mm-124.4mm) का अनुमान जताया है.

Advertisement

अभी बाढ़ की मार से उबर भी नहीं पाया था कि भारी की चेतावनी ने खतरा और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है. केरल में 29 मई को आई पहली बाढ़ के बाद से लोगों की मौत का सिलसिला जारी है. बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित अलप्पुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर में लोगों की जिंदगी पूरी तरह पटरी पर लौटी नहीं है. बाढ़ उतरने के बाद महामारी फैलने का खतरा है. हजारों घर, 40 हजार एकड़ से अधिक खेती की जमीन बर्बाद हो चुकी है. करीब 16000 किमी. सड़क, 134 पुल बाढ़ के कारण तबाह हो चुके हैं.

केरल की बाढ़ से 45,000 हेक्टेयर कृषि भूमि पर धान, केला, मसाले और अन्य फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. राज्य सरकार से इस बारे में केंद्र से कोष के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव देने को कहा गया है ताकि किसानों को राहत दी जा सके.

Advertisement

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, राज्य में करीब 45,000 हेक्टेयर में कृषि फसल खराब हो गई हैं. फसलों से ज्यादा राज्य में मकानों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है.

20000 हेक्टेयर में धान की फसल नष्ट हुई है. गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है, 2,000 हेक्टेयर में इलायची जैसे मसालों की फसल प्रभावित हुई है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement