कांग्रेस नेता मनीष तिवारी बोले- पीएम मोदी की यह बात सुनकर पाकिस्तान की बांछें खिल गई होंगी

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि एयरस्ट्राइक में आतंकियों के मारे जाने की ऐसी कौन सी जानकारी है, जो अमित शाह के पास है, लेकिन भारत सरकार के पास नहीं है.

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कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (फाइल फोटो-PTI) कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (फाइल फोटो-PTI)

आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 04 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

पाकिस्तान पर हुए एयरस्ट्राइक को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि इस हमले में 250 आतंकी मारे गए. अमित शाह के इस बयान के बाद कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि ऐसी कौन सी जानकारी है, जो अमित शाह के पास है लेकिन भारत सरकार के पास नहीं है.

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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब सरकार की ओर से बयान था कि अभी अनुमान लगाना मुश्किल है कि बालकोट में हवाई हमले में कितने आतंकवादी मारे गए और कितना नुकसान पहुंचा पाए. इसके बाद भी बीजेपी नेता 200-300 आतंकियों के मारे जाने की बात कैसे कर रहे हैं?

एयरस्ट्राइक का राजनीतिक लाभ लेना चाहती है बीजेपी

मनीष तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से जो बयान आ रहे हैं और जिस तरह से उनका चाल और चरित्र है. इससे साफ है कि हवाई हमले को लेकर बीजेपी राजनीतिक लाभ लेना चाहती है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी फौज की यूनिफॉर्म पहनकर प्रचार-प्रसार करते हैं.

पीएम मोदी का बयान पढ़कर पाकिस्तान की बांछें खिल गई होंगी

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा नुकसान तो प्रधानमंत्री ने किया है, जब खड़े होकर उन्होंने यह कहा कि अगर राफेल जहाज होता तो बालकोट कुछ और होता. प्रधानमंत्री के बयान को संज्ञान में लीजिए. प्रधानमंत्री का बयान पढ़कर पाकिस्तान की बांछें खिल गई होंगी.

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राफेल को लेकर मोदी के सवाल का क्या मतलब है?

कांग्रेस नेता ने कहा कि एक तरफ तो आप कह रहे हैं कि हमने आतंकवादी मार दिए, दूसरी तरफ कहते हैं कि हमने दूसरी पीढ़ी के मिग जहाज से चौथी पीढ़ी के एफ 16 को गिरा दिया. फिर प्रधानमंत्री कहते हैं कि अगर राफेल होता तो शायद बाल कोर्ट का जो अंजाम है वह कुछ और होता. इसका क्या मतलब है? इस सवाल का का क्या मतलब है?

राफेल नहीं आया तो जिम्मेदार खुद प्रधानमंत्री हैं

मनीष तिवारी ने कहा कि प्रश्नचिन्ह बालकोट के हवाई हमले पर प्रधानमंत्री ने खुद लगाया है और राफेल अगर नहीं आया है तो उनकी भी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की भी बनती है. अपने जो पूंजीपति दोस्त हैं, उनको फायदा पहुंचाने के लिए उन्होंने राफेल की नेगोशिएशन पूरी हो गई थी, उसको समाप्त कर दिया था.

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