उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है. मृतकों में एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं. सभी श्रद्धालु शुक्रवार सुबह ही लुधियाना और जगराओं से वृंदावन पहुंचे थे. हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालु लुधियाना और जगराओं के रहने वाले बताए गए हैं. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और परिजनों में मातम पसरा हुआ है.
दरअसल, गुरुवार 9 अप्रैल को जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब की ओर से दो बसों में करीब 130 श्रद्धालुओं को वृंदावन यात्रा के लिए ले जाया गया था. इनमें से करीब 90 श्रद्धालु जगराओं से थे, जबकि बाकी अन्य शहरों से शामिल हुए थे. यह चार दिन की धार्मिक यात्रा पर थे और बांके बिहारी दर्शन करने आए थे, लेकिन वृंदावन में नाव पलटने से एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई.
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एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत
हादसे में एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत की खबर सामने आई है. मृतकों में जगराओं निवासी मधुर बहल, उनकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चरणजीत की पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ लुधियाना निवासी अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी के नाम सामने आए हैं. हालांकि लुधियाना स्थित राकेश गुलाटी के घर मौजूद रिश्तेदारों ने कहा कि पूरी सूची मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.
विधायक पहुंचे, ली जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही विधायक कुलवंत सिद्धू भी पीड़ित परिवार के पास पहुंचे. उन्होंने कहा कि हादसे की जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे हैं और पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं. हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में शोक की लहर है और पूरे इलाके में मातम का माहौल बना हुआ है.
बता दें कि वृंदावन के केशी घाट के पास यमुना नदी में पर्यटकों से भरी नाव पोंटून पुल से टकराकर पलट गई थी. नाव में 30 से अधिक लोग सवार थे जो नदी में गिर गए, जिनमें से 10 की मौत हो गई, जबकि 22 को बचा लिया गया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि वृंदावन हादसे में प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे.
विवेक ढल