पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार अपना पांचवां बजट 8 मार्च को पंजाब विधानसभा में पेश करेगी. उन्होंने यह घोषणा गुजरात दौरे के दौरान अरविंद केजरीवाल के साथ की. खास बात यह है कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी है और उस दिन रविवार पड़ रहा है, जिस वजह से माना जा रहा है कि बजट में महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान हो सकता है, खासकर आम आदमी पार्टी के उस वादे को लेकर जिसमें 18 साल से ऊपर की हर महिला को हर महीने 1000 रुपये देने की बात कही गई थी.
मीडिया से बातचीत में भगवंत मान ने कहा कि आने वाला बजट 'जन-हितैषी' होगा और समाज के हर वर्ग के कल्याण पर केंद्रित रहेगा. उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए लगातार जन-केंद्रित फैसले ले रही है और यह बजट भी लोगों को लाभ पहुंचाने वाला होगा.
2027 चुनाव से पहले सरकार का आखिरी पूर्ण बजट
इस बजट पर खास नजर इसलिए भी है क्योंकि आम आदमी पार्टी ने नवंबर 2021 में मोगा की ‘मिशन पंजाब’ रैली के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने पर हर वयस्क महिला के बैंक खाते में हर महीने 1000 रुपये भेजे जाएंगे. करीब चार साल बाद और 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा, इसलिए योजना लागू होने को लेकर सवाल बने हुए हैं.
पंजाब पर 5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज
राज्य पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को देखते हुए योजना की वित्तीय व्यवहार्यता पर भी चर्चा है. सरकार के सामने यह तय करने जैसे सवाल हैं कि लाभार्थियों का चयन कैसे होगा, योजना सार्वभौमिक होगी या विकल्प आधारित, और भुगतान मासिक होगा या एकमुश्त.
अधिकारियों के अनुसार यदि योजना विकल्प आधारित रही तो सालाना खर्च करीब 6000 करोड़ रुपये हो सकता है, जबकि सभी पात्र महिलाओं को शामिल करने पर यह 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. वित्त विभाग अतिरिक्त ब्याज बोझ से बचने के लिए एकमुश्त भुगतान के बजाय मासिक भुगतान के पक्ष में बताया जा रहा है.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बजट पेश होने से इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है. अब सबकी नजर 8 मार्च पर है कि क्या सरकार 1000 रुपये योजना की घोषणा करेगी या इसे चरणबद्ध अथवा संशोधित रूप में लागू करेगी, जो 2027 चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है.
अमन भारद्वाज