पंजाब को देश का पहला 'खंभा-मुक्त' और बिजली के तारों के जाल से मुक्त राज्य बनाने की दिशा में भगवंत मान सरकार ने एक ऐतिहासिक और अनूठी पहल की है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को अपने पैतृक गांव सतौज में बिजली की तारों को पूरी तरह से अंडरग्राउंड (जमीनदोज) करने के पायलट प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया. इस कूटनीतिक और आधुनिक बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री ने "रोशन पंजाब" और "रंगला पंजाब" के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर बताया है.
इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत अकेले सतौज गांव में करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से बिजली की ऊपर से गुजरने वाली (ओवरहेड) खतरनाक लाइनों को जमीन के अंदर शिफ्ट किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने तकनीकी विवरण साझा करते हुए बताया कि इसके तहत,7 किलोमीटर हाई टेंशन (एच.टी.) लाइनें, 9.5 किलोमीटर लो टेंशन (एल.टी.) लाइनें और 800 घरों को जोड़ने वाली 41 किलोमीटर सर्विस केबल को अंडरग्राउंड किया जाएगा. गांव से जुड़े 28 ट्रांसफार्मरों की लाइनों को सीधे जमीनदोज किया जाएगा, जिससे गांव से 384 अनावश्यक बिजली के खंभे पूरी तरह हटा दिए जाएंगे.
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए गांवों की सड़कों को खोदा नहीं जाएगा. इसके लिए अत्याधुनिक 'ट्रेंचलेस' (बिना खुदाई वाली) ड्रिलिंग मशीनों का उपयोग करके पाइपों को जमीन से तीन फीट नीचे बिछाया जाएगा.
भावुक हुए मुख्यमंत्री, बयां किया दर्द
इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के गांवों के लिए ऐतिहासिक दिन है क्योंकि गांवों को बिजली की तारों के जाल और अनावश्यक खंभों से मुक्त करने का व्यापक प्रोजेक्ट यहीं से शुरू किया जा रहा है. इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत सतौज में बिजली की ऊपर से गुजरने वाली तारों को करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से जमीनदोज किया जाएगा. यह देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है और इस पहल से पंजाब पूरे देश के लिए मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में उभरेगा.”
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मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने गांव की एक पुरानी दुखद घटना को याद कर भावुक हो गए. उन्होंने कहा, "इसी गांव के तीन नौजवानों की कंबाइन मशीन के ऊपरी तारों से छू जाने और करंट लगने के कारण जान चली गई थी. यह प्रोजेक्ट उन नौजवानों को मेरी सच्ची श्रद्धांजलि है. अब भविष्य में ट्रैक्टर, कंबाइन या किसी वाहन के तारों की चपेट में आने से कोई हादसा नहीं होगा और न ही शॉर्ट सर्किट से किसानों की फसलों में आग लगेगी." उन्होंने कहा कि इस तकनीक से तेज हवाओं और आंधी-तूफान में भी बिजली गुल नहीं होगी और ट्रांसमिशन लॉस भी खत्म होगा.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मीटर बॉक्सों को सारे घरों से जोड़ने वाली केबलों को भी जमीनदोज किया जाएगा, जिससे 384 अनावश्यक बिजली के खंभे हटा दिए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि जमीनदोज केबलें बिछाने के लिए सड़कें खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि जमीनदोज पाइप डालने के लिए ट्रेंचलेस (बिना खुदाई) ड्रिलिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा. ये पाइप जमीन से तीन फुट नीचे बिछाए जाएंगे, जो आम लोगों के लिए वरदान साबित होंगे.”
इस प्रोजेक्ट को लोगों के लिए हर पहलू से फायदेमंद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई टेंशन और लो टेंशन लाइनों के जमीनदोज होने से बिजली की लीकेज खत्म हो जाएगी, जिससे ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन का घाटा कम होगा. गांवों को निर्विघ्न बिजली सप्लाई मिलेगी, जमीनदोज तारों से हादसों में कमी आएगी, बिजली की तारों से फसलों में आग लगने की घटनाएं रुकेंगी और बारिश व तेज हवाएं अब बिजली सप्लाई में बाधा नहीं डाल सकेंगी. अनावश्यक खंभों और उलझी तारों को हटाने से गांवों की सुंदरता और बेहतर हो जाएगी.
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बेअदबी विरोधी कानून का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार द्वारा पारित किए गए सख्त बेअदबी विरोधी कानून का भी प्रमुखता से जिक्र किया. उन्होंने कहा, "अकाल पुरख की कृपा से मुझे 'जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026' के माध्यम से मानवता की सेवा करने का मौका मिला है. अब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वाले को उम्रकैद तक की सख्त सजा होगी." उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर इच्छाशक्ति की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार सिख मूल्यों और धार्मिक पवित्रता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में डिजिटल क्रांति की शुरुआत की है. आर.टी.ओ. सेवाओं को डिजिटलाइज किया गया है और सरल भाषा में ‘ईजी रजिस्ट्री’ (ईजी रजिस्ट्री) प्रणाली लागू की गई है. CM मान ने आगे कहा, “पहले रजिस्ट्री के दस्तावेज जटिल भाषा में तैयार किए जाते थे, जो आम लोगों की समझ में नहीं आते थे, जिस कारण उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे. लेकिन अब लोग अपने जिले की किसी भी तहसील से अपनी रजिस्ट्री करवा सकते हैं.”
गिनाईं उपलब्धियां
बिजली प्रोजेक्ट के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने पंजाब के नागरिकों के लिए दो बेहद बड़ी कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति साझा की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को हेल्थ कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा. अब तक 30 लाख से ज्यादा कार्ड बांटे जा चुके हैं. मावां धीयां सत्कार योजना में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की सम्मान राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी. सरकार ने इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है.
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इस शिलान्यास समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और तरुणप्रीत सिंह सौंध सहित कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. सीएम मान ने साफ किया कि 'सतौज मॉडल' की सफलता के बाद इसे पूरे पंजाब के गांवों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.
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