पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद इन दलों ने जानबूझकर पंजाब के बच्चों को अनपढ़ रखा, जबकि राजनीतिक परिवार फलते-फूलते रहे. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों को राज्य की तरक्की से ज्यादा अपने बेटों-बेटियों और रिश्तेदारों की चिंता रही है.
मानसा जिले के सरदूलगढ़ में सरकारी आईटीआई का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अब पंजाब में चुनाव जीतने के लिए दलबदलुओं के सहारे सपना देख रही है, लेकिन यह रणनीति सफल नहीं होगी. आम आदमी पार्टी की सरकार ईमानदारी से सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता की भलाई और विकास पर खर्च कर रही है.
उन्होंने कहा, 'केजरीवाल का नया इंजन पंजाब को तरक्की की राह पर ले जा रहा है, जबकि भाजपा, अकाली और कांग्रेस के इंजन पुराने हो चुके हैं.'
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदूलगढ़ में बनने वाली सरकारी आईटीआई पर लगभग 24.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यहां हर साल 240 विद्यार्थियों को पांच ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे ग्रामीण युवाओं को घर के नजदीक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे.
शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं और शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड और सिंगापुर भेजा गया है. उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों ने स्कूलों को सिर्फ मिड-डे मील केंद्र बना दिया था, जबकि अब उन्हें शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्रों में बदला जा रहा है.
स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले जा चुके हैं और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 63,000 से अधिक युवाओं को बिना रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी गई हैं. इस मौके पर मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस सहित कई नेता मौजूद रहे.
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