राज्यसभा सीट, 2029 में बड़ी भूमिका... CM की कुर्सी छोड़ने के लिए कांग्रेस ने सिद्धारमैया को क्या ऑफर दिया?

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर बड़े नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इसी के साथ डीके शिवकुमार का नाम सीएम की कुर्सी की रेस में फिर शामिल हो गया है. हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने इन सभी अटकलों को खारिज किया है.

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चर्चा है कि सिद्धारमैया के इस्तीफा देने के बाद डीके शिवकुमार को सीएम बनाया जा सकता है (File Photo- ITG) चर्चा है कि सिद्धारमैया के इस्तीफा देने के बाद डीके शिवकुमार को सीएम बनाया जा सकता है (File Photo- ITG)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:47 AM IST

कर्नाटक की राजनीति एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ती दिख रही है. 2023 विधानसभा चुनाव में सत्ता में लौटने के बाद कांग्रेस सरकार अब अपने सबसे बड़े नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इस संभावित फैसले से पहले दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ कई घंटों तक चली मैराथन बैठक ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है.

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सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को 2029 लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया है. पार्टी चाहती है कि वे दिल्ली जाकर कांग्रेस के प्रमुख ओबीसी चेहरों में से एक के रूप में काम करें और सामाजिक न्याय, जातिगत जनगणना तथा पिछड़ा वर्ग राजनीति के मुद्दों पर पार्टी की रणनीति को मजबूत करें.

दिल्ली में करीब सात घंटे चली बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला मौजूद रहे. हालांकि कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर किसी भी नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा से इनकार किया है, लेकिन अंदरखाने चल रही राजनीतिक कवायद ने इस अटकल को और मजबूत कर दिया है कि सिद्धारमैया अब मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं. 

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बैठक की अंदरूनी जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया को स्पष्ट संदेश दिया कि कांग्रेस अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देना चाहती है. उनको साफ तौर पर कहा गया कि वे देश में कांग्रेस के सबसे बड़े और सम्मानित ओबीसी चेहरों में से एक हैं. पार्टी चाहती है कि साल 2029 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर वे केंद्र की राजनीति में आएं और राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी व प्रभावी सांगठनिक भूमिका निभाएं.

राज्यसभा के रास्ते दिल्ली लाने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि यदि वे दिल्ली आने के लिए तैयार होते हैं, तो उनकी सभी चिंताओं और क्षेत्रीय हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा. उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद भेजने और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में एक बड़ा पद सौंपने का खाका तैयार किया गया है. इसे एक सम्मानजनक राजनीतिक ट्रांजिशन के तौर पर देखा जा रहा है. 

दरअसल, कांग्रेस नहीं चाहती कि सिद्धारमैया को यह महसूस हो कि उन्हें हटाया जा रहा है. पार्टी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा और अन्य चिंताओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा. इस पूरे घटनाक्रम की टाइमिंग भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कर्नाटक से राज्यसभा की सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून है. 

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हालांकि फिलहाल सिद्धारमैया ने तुरंत सहमति नहीं दी है. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अंतिम फैसला लेने के लिए थोड़ा समय मांगा और दिल्ली से लौटने के बाद अपने करीबी मंत्रियों तथा विश्वस्त सहयोगियों से चर्चा शुरू की.

सिद्धारमैया ने कल बुलाई ब्रेकफास्ट मीटिंग

इसी बीच गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर पूरे कर्नाटक मंत्रिमंडल की ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई गई है. इसे बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इसी बैठक के बाद राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ सकता है. इसके अलावा सिद्धारमैया गुरुवार को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं, जिस पर पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है. 

राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा अब इस बात को लेकर है कि अगर सिद्धारमैया इस्तीफा देते हैं तो अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. ऐसे में एक बार फिर डीके शिवकुमार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है. विदित हो कि 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के समय से ही यह चर्चा रही है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर पावर शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ था. समय-समय पर दावा होता रहा है कि पहले ढाई साल सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने और बाद में डीके शिवकुमार को मौका दिए जाने पर सहमति बनी थी. हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने कई बार ऐसी अटकलों पर विराम लगाया था.

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अब जब सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलें तेज हैं, तब डीके शिवकुमार समर्थकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं. पार्टी के अंदर यह चर्चा जोरों पर है कि वे जल्द ही कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं. हालांकि कांग्रेस नेतृत्व इस बदलाव को किसी गुट की जीत या दूसरे गुट की हार के रूप में पेश नहीं करना चाहता. यही वजह है कि नेतृत्व बेहद संतुलित तरीके से इस पूरे ट्रांजिशन को संभालने की कोशिश कर रहा है.

कांग्रेस ने चर्चाओं को फिर किया खारिज

एक तरफ जहां बैठकों के दौर के बीच बाहर राजनीतिक अटकलें और कयासबाजी का बाजार बेहद गर्म है तो वहीं कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी. करीब दो घंटे चली औपचारिक बैठक के बाद बाहर आए के.सी. वेणुगोपाल ने मीडिया के सामने कर्नाटक में किसी भी तरह के नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया.

वेणुगोपाल ने पत्रकारों से कहा, 'आज की बैठक का एजेंडा केवल और केवल आगामी राज्यसभा चुनाव और विधान परिषद सीटों के चयन को लेकर था. मीडिया में जो कुछ भी अटकलें लगाई जा रही हैं, उनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है. इस बैठक में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और रणदीप सुरजेवाला उपस्थित थे. पूरी चर्चा का केंद्र बिंदु राज्यसभा की सीटें थीं, इसलिए कृपया इन काल्पनिक अटकलों पर विराम लगाएं.'

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