बिहार की राजधानी पटना के एक हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा से कथित रेप और हत्या के मामले ने बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. साथ ही उन्होंने इस केस में आवाज उठाने वाले सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को सरकार की 'असंवेदनशीलता' का उदाहरण बताया है.
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि घटना सामने आने के बाद सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा 'खौफनाक' है. प्रियंका के मुताबिक FIR दर्ज होने से लेकर जांच और कार्रवाई तक, पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने पूछा कि आखिर यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है?
'बीजेपी सरकारें पीड़िता के साथ नहीं, आरोपियों के साथ'
प्रियंका गांधी ने इस मामले को हाथरस, उन्नाव और अंकिता भंडारी कांड से जोड़ते हुए कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में एक ही पैटर्न दिखाई देता है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में पीड़िताओं को न्याय दिलाने की बजाय सत्ता आरोपी पक्ष के साथ खड़ी नजर आती है.
प्रियंका ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर भी कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि पप्पू यादव इस छात्रा के लिए न्याय की आवाज उठा रहे थे और उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. यह कदम सरकार के असंवेदनशील और दमनकारी रवैये को उजागर करता है.
प्रियंका ने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके सहयोगियों का 'एजेंडा साफ है- वे अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं.'
राहुल गांधी भी पप्पू यादव के समर्थन में उतरे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पप्पू यादव का समर्थन किया और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. राहुल गांधी ने कहा कि पटना में NEET की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है. पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की तो वही पुराना बीजेपी-NDA मॉडल सामने आ गया- केस को भटकाओ, परिजन को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो.
राहुल ने आगे लिखा, इस बेटी के लिए न्याय की आवाज बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए. आज उनकी गिरफ्तारी साफतौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज को डराया और दबाया जा सके. सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती. यह एक भयावह साजिश और खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जहां और भी बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफनाक सच्चाई से आंखें मूंद कर बैठी है. यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है. यह बिहार की बेटी की इज्जत और सुरक्षा का सवाल है.
रोहित कुमार सिंह