Jharkhand political crisis: Bihar में चट इस्तीफा-पट नई सरकार, Jharkhand में इस्तीफा... और फिर इंतजार

झारखंड में नई सरकार के गठन का इंतजार लंबा होता जा रहा है. झारखंड विधायक दल के नए नेता चंपई सोरेन ने कहा है कि राजभवन को अब नींद से जगना चाहिए. बता दें कि बिहार में रविवार को जब नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया था, तो कुछ ही घंटे के बाद उन्हें नई सरकार बनाने के लिए राज्यपाल ने न्यौता दे दिया था. लेकिन झारखंड की स्थिति अलग दिख रही है.

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शपथग्रहण के बाद नीतीश कुमार, इस्तीफा देने के बाद हेमंत सोरेन. शपथग्रहण के बाद नीतीश कुमार, इस्तीफा देने के बाद हेमंत सोरेन.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 3:28 PM IST

मात्र तीन दिन हुए बिहार में महागठबंधन की सरकार गिरी. तय स्क्रिप्ट के अनुसार नीतीश कुमार और बीजेपी ने हाथ मिला लिया. दोनों दलों ने नई सरकार बनाने के लिए संख्या बल आसानी से जुगाड़ कर लिया. नीतीश विधायक दल के नेता चुने गए और फिर बीजेपी-जेडीयू ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया.

बिहार के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर बीजेपी-जेडीयू की सरकार बनाने की क्षमता से संतुष्ट दिखे. उन्होंने तुरंत नीतीश कुमार को सरकार बनाने की अनुमति दे दी. इसी के साथ ही सुबह लगभग 10 बजे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले नीतीश कुमार उसी दिन शाम 5 बजे एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री बन गए. 

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28  जनवरी 2024 को बिहार में पुरानी सरकार गिरी और नई सरकार बनी. लगभग ऐसी ही स्थिति 72 घंटे बाद बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में पैदा हुई. हालांकि झारखंड में सरकार गिरने की वजह अलग रही. लेकिन यहां भी पहले हेमंत सोरेन को इस्तीफा देना पड़ा. इसके पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल की बैठक हुई. इस बैठक में चंपई सोरेन को झामुमो विधायक दल का नेता चुना गया. चंपई सोरेन 43 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के पास सरकार बनाने का दावा करने के लिए गए. उन्होंने विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को सौंपी. लेकिन राज्यपाल ने अभी तक सरकार बनाने का न्यौता चंपई सोरेन का नहीं सौंपा है. 

निश्चित रूप से दो राजभवनों से आए दो घटनाओं की चर्चा बिहार और झारखंड में हो रही है. 

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एक ही दिन में इस्तीफा और शपथग्रहण

बता दें कि बिहार में कई दिनों के राजनीतिक हलचल के बाद शनिवार यानी कि 27 जनवरी को तय हो गया था कि नीतीश कुमार महागठबंधन की सरकार को लीड नहीं करने वाले हैं. नीतीश ने मन बना लिया था कि वे इस सरकार से इस्तीफा देंगे. रविवार को जब जेडीयू विधायक दल की बैठक हुई तो नीतीश ने अपने विधायकों से कहा कि वे इस सरकार के साथ नहीं चलने वाले हैं. इसके बाद वे इस्तीफा देने राजभवन चले गए. नीतीश ने कुछ ही मिनटों में राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया. 

नीतीश के इस्तीफा देने के बाद बीजेपी के विधायक उनके आवास पर पहुंचे. यहां पर नीतीश को बीजेपी के सपोर्ट से एक बार फिर से विधायक दल का नेता चुना गया. इसके बाद नीतीश ने 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में 124 विधायकों के समर्थन का दावा राज्यपाल के सामने किया. नीतीश ने विधायकों का समर्थन पत्र भी राज्यपाल को सौंपा. राज्यपाल ने नीतीश को सरकार बनाने का न्यौता दे दिया. और उसी दिन शाम पांच बजे नीतीश ने एक बार फिर से सीएम पद की शपथ ले ली. 

झामुमो को राज्यपाल के न्यौते का इंतजार

इधर झारखंड के राज्यपाल के न्यौते का इंतजार कर रहे चंपई सोरेन ने कहा कि वे सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के न्यौते का इंतजार कर रहे हैं. चंपई सोरेन ने कहा कि 81 सदस्यों वाली विधानसभा में उनके पास 47 विधायकों का समर्थन है. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद जेएमएम के नेता चुने गए चंपई सोरेन ने कहा कि राजभवन को नींद से जगना चाहिए. 

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वहां 2 घंटे में शपथग्रहण हो गया...

झारखंड का सीएम बनने का इंतजार कर रहे चंपई सोरेन ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमलोग तो 15-16 घंटे से सरकार गठन के लिए न्यौते का इंतजार कर रहे है जबकि एक राज्य में तो सरकार बनाने का दावा करने के 2 घंटे के अंदर ही शपथग्रहण करवा दिया गया था.  

चंपई सोरेन ने कहा कि बुधवार को हमने 43 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा था. अब हमें 47 विधायकों का समर्थन है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राज्य के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बिना सीएम का एक राज्य... ये संवैधानिक संकट की स्थिति है, ये तो ठीक नहीं है. लेकिन जब राज्यपाल के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी से पूछा गया कि क्या ये संवैधानिक संकट की स्थिति है तो उन्होंने कहा कि- क्या संकट है? 

बुधवार को हेमंत हुए थे गिरफ्तार

बता दें कि झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद झामुमो नेता हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद जेएमएम विधायकों की बैटक में पार्टी के वफादार और राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन को उनके उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया गया. 

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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनके आधिकारिक आवास पर सात घंटे की पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया गया. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार रात उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था.

जेएमएम ने राज्यपाल से मांगा समय

इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक बार फिर से राज्यपाल से मिलने की अनुमति मांगी है. झामुमो के अनुसार इस बार वे अपने विधायकों की परेड राज्यपाल के सामने कराएंगे. ताकि सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल का प्रदर्शन राज्यपाल के सामने किया जा सके. जानकारी के मुताबिक राज्यपाल ने जेएमएम के पांच विधायकों को साढ़े पांच बजे मिलने का समय दिया है. 

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