'आमी जानी ना...', अभिषेक बनर्जी को नोटिस से फिरहाद हकीम ने झाड़ा पल्ला

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 43 संपत्तियों की सूची सार्वजनिक की है. कोलकाता नगर निगम ने अभिषेक के घर शांति निकेतन पर बुलडोजर कार्रवाई का नोटिस जारी किया है, जिसमें 17 प्रॉपर्टी के अनाधिकृत हिस्से गिराने को कहा गया है.

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टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को नगर निगम ने बुलडोजर नोटिस भेजा है टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को नगर निगम ने बुलडोजर नोटिस भेजा है

तपस सेनगुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST

पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद से बीजेपी एक्शन में है और लगातार टीएमसी पर हमलावर हैं. इसमें सबसे अधिक मुश्किल में हैं टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी, जिन्हें बीते सोमवार को बुलडोजर कार्रवाई का नोटिस मिला है. इसी बीच राज्य बीजेपी ने टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से कथित रूप से जुड़ी 43 संपत्तियों की एक विस्तृत लिस्ट सार्वजनिक कर दी है.

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अभिषेक बनर्जी से जुड़ीं संपत्तियां बीजेपी ने की सार्वजनिक
इनमें कई संपत्तियां अभिषेक बनर्जी के परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों जैसे ममता बनर्जी, अमृता बनर्जी, सबिता बनर्जी, मिनाती बनर्जी, बाणानी बनर्जी और सायानी घोष के साथ संयुक्त रूप से मालिकाना हक (स्वामित्व)वाली बताई गई हैं.

नगर निगम ने नोटिस भेजा, मेयर बोले- मुझे नहीं पता
एक तरफ अभिषेक बनर्जी चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण मामले में जूझ रहे हैं तो दूसरी तरफ उन्होंने बुलडोजर एक्शन का नोटिस मिल गया है. सोमवार शाम को ही कोलकाता कोलकाता नगर निगम ( KMC ) ने अभिषेक बनर्जी के घर शांति निकेतन पर नोटिस चिपकाया, जिसमें उनसे जुड़ी 17 प्रॉपर्टी के अनाधिकृत हिस्सों को गिराने के लिए सात दिन का समय दिया गया है.

इस नोटिस से कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम भी अनजान रहे, जो ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं. बीजेपी ने बुधवार को उनकी कथित 43 प्रॉपर्टी की लिस्ट जारी की है.

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मेयर की सहमति से नहीं जारी होते नोटिस- फिरहाद हकीम
कोलकाता नगर निगम से जुड़े कथित नोटिस पर कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा है कि उन्हें इस “कथित नोटिस” की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे नोटिस मेयर की सहमति से जारी नहीं किए जाते हैं. टीएमसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए फिरहाद हकीम ने कहा कि जो सूची सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है, उसकी पहले सत्यता की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मेयर एक पॉलिसी मेकर होता है, जबकि नगर निगम आयुक्त प्रशासनिक और कार्यान्वयन संबंधी फैसले लेते हैं.

फिरहाद हकीम ने कहा कि मेयर के पास इस तरह के मामलों में कोई विशेषाधिकार या प्रत्यक्ष अधिकार नहीं होता. उन्होंने संकेत दिया कि नोटिस जारी करने और प्रशासनिक कार्रवाई की जिम्मेदारी नगर निगम आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में आती है.

बता दें कि बीजेपी ने इन संपत्तियों की लिस्ट जारी करते हुए आरोप लगाया है कि इनका सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध अभिषेक बनर्जी से जुड़ा हुआ है. सूची में शामिल संपत्तियों के स्वामित्व, स्थान और अन्य विवरणों को सार्वजनिक किया गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.

इस सामने आए डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, कोलकाता के विभिन्न स्ट्रीट और वॉर्डों में दर्ज ये संपत्तियां अलग-अलग लोगों के साथ ज्वाइंट ओनरशिप में हैं. लिस्ट में साफ तौर पर 58/3 बैरकपुर ट्रंक रोड पर स्थित ऑर्बिट ल्यूमियर, गरियाहाट रोड पर स्थित समिरन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी और बेहला के बेचराम चटर्जी रोड स्थित 'साईं भवन' जैसी अचल संपत्तियों के असेसी नंबर और पते दर्ज दिखाई दे रहे हैं.

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उधर, भवानीपुर में एक धन्यवाद सभा में बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री ने तृणमूल के तीन और नेताओं या उनके करीबी सहयोगियों की संपत्तियों के बारे में विवरण का खुलासा किया और फिर जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सभी भ्रष्ट व्यक्तियों को सलाखों के पीछे भेज देगी. शुभेंदु ने लोगों को बताते हुए कहा कि मैंने नगर मामलों के विभाग के सचिव और कोलकाता नगर निगम के आयुक्त से 4 व्यक्तियों की संपत्ति का विवरण प्राप्त करने के लिए कहा था. क्या आप उनके नाम जानना चाहते हैं?.

सीएम ने बताया, 'पहले नंबर पर बेलेघाटा के राजू नस्कर हैं, जिनके पास 18 संपत्तियां हैं. दूसरे नंबर पर कस्बा की सोना पप्पू हैं, जिनके पास 24 संपत्तियां हैं. तीसरे नंबर पर भतीजा अभिषेक बनर्जी हैं. इनमें से 14 संपत्तियां 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी के नाम पर, चार उनके अपने नाम पर और छह उनके पिता के नाम पर पंजीकृत हैं. चौथे नंबर पर जावेद (अहमद) खान (तृणमूल के कस्बा विधायक) के बेटे हैं, जिनके पास 90 संपत्तियां हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'जनता को लूटने वाले लुटेरे हैं. (पुलिस अधिकारी) शांतनु सिन्हा बिस्वास और (पूर्व मंत्री) सुजीत बोस की तरह, जिन्हें जेल भेजा गया था, बीजेपी सरकार निकट भविष्य में ये सुनिश्चित करेगी कि ऐसे सभी भ्रष्ट लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाए.'
 

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