'जो वॉटेंड हैं...' पाकिस्तान में आतंकियों के सफाए पर पहली बार विदेश मंत्रालय का आया बयान

बीते कुछ महीनों में पाकिस्तान में कई ऐसे आतंकवादियों को 'अज्ञात बंदूकधारियों' ने मार गिराया है जो भारत में वांछित है. लगातार मारे जा रहे आतंकवादियों को लेकर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया आई है. मंत्रालय ने कहा है कि जो लोग भारतीय अधिकारियों द्वारा वांछित हैं, उन्हें यहां आना चाहिए और कानून का सामना करना चाहिए.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 7:27 AM IST

पाकिस्तान में बीते कुछ महीनों में 'अज्ञात बंदूकधारियों' द्वारा कई वॉटेंड आतंकवादियों की हत्या की गई है. इन हत्याओं को लेकर पहली बार भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया आई है. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को कहा कि जो लोग भारतीय अधिकारियों द्वारा वांछित हैं, उन्हें यहां आना चाहिए और कानून का सामना करना चाहिए.

अरिंदम बागची का बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "जो लोग भारत में आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों के लिए वांछित हैं , हम चाहेंगे कि वे भारत आएं और हमारी कानूनी प्रणाली का सामना करें, लेकिन मैं पाकिस्तान में हो रही घटनाओं पर टिप्पणी नहीं कर सकता हूं." 

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विशेष रूप से, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी हंजला अदनान, जिसने 2015 में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के काफिले पर हमले का मास्टरमाइंड किया था, को हाल ही में पाकिस्तान के कराची में अज्ञात बंदूकधारियों ने मार डाला था. हंजला अदनान को 2 और 3 दिसंबर की दरमियानी रात को उसके घर के बाहर गोली मार दी गई थी.

'भारत खतरों को गंभीरता से लेता है'

13 दिसंबर या उससे पहले संसद पर हमले की खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की धमकी के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत हमेशा खतरों को गंभीरता से लेता है.हालाँकि, विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे 'ऐसी धमकियां देने वाले चरमपंथियों को बढ़ावा देना या उन्हें श्रेय देना' नहीं चाहते हैं.

बागची ने कहा, "हम धमकियों को गंभीरता से लेते हैं.  मैं ऐसे चरमपंथियों को बढ़ावा देना या उन्हें अधिक महत्व नहीं देना चाहता जो धमकियां देते हैं. हमने इस मामले को अमेरिकी और कनाडाई अधिकारियों के समक्ष उठाया है. चरमपंथियों और आतंकवादियों की किसी मुद्दे पर मीडिया कवरेज चाहने की प्रवृत्ति होती है.

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कतर में पूर्व नौसिकों की सजा पर भी दी प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कतर में आठ भारतीयों को दी गई मौत की सजा के खिलाफ दायर अपील के बारे में भी बात की और कहा कि भारत इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहा है और सभी कानूनी और दूतावास संबंधी सहायता प्रदान कर रहा है.उन्होंने आगे कहा, 'इस बीच, हमारे राजदूत को 3 दिसंबर को जेल में उन सभी 8 लोगों से मिलने के लिए काउंसुलर एक्सेस मिला. यह एक संवेदनशील मुद्दा है, लेकिन हम नियमों का पालन करते रहेंगे और जो भी हम साझा कर सकते हैं वो करेंगे.'

पाकिस्तान में छिपे दुश्मन हो रहे ढेर

यह पहला मौका नहीं है, जब पाकिस्तान में इस तरह से आतंकियों को निशाना बनाया गया हो. इससे पहले मुफ्ती कैसर फारूक, खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पंजवड़, एजाज अहमद अहंगर, बशीर अहमद पीर जैसे तमाम आतंकियों को भी अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया. इतना ही नहीं हाल ही में मोस्ट वांटेड आतंकी शाहिद लतीफ  की हत्या कर दी गई थी. अज्ञात हमलावरों ने लतीफ की सियालकोट में गोली मारकर हत्या कर दी. लतीफ 2016 में पठान कोट एयर फोर्स स्टेशन पर हुए हमले का मास्टर माइंड था.

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