उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. लगातार बदलते मौसम के बीच अब दो नए पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाले हैं, जो पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी लेकर आएंगे. लेकिन मैदानी इलाकों में गर्मी का असर तेज होने लगेगा. इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली-एनसीआर में देखने को मिलेगा, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस सप्ताह दो हल्के पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर बढ़ रहे हैं. पहली प्रणाली 16 से 17 अप्रैल के बीच सक्रिय होगी, जबकि दूसरी 18 से 19 अप्रैल के बीच असर दिखाएगी. इन मौसम प्रणालियों का असर मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में देखने को मिलेगा. यहां हल्की से मध्यम बारिश होगी.
इसके साथ कुछ स्थानों पर बर्फबारी की भी संभावना है. पहाड़ी इलाकों में नमी बढ़ने से स्थानीय मौसम गतिविधियां तेज होंगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. हालांकि, मैदानी इलाकों के लिए तस्वीर अलग है. इन पश्चिमी विक्षोभों का असर मैदानों तक सीमित नहीं रहेगा, जिससे अधिकांश शहरों में बारिश की संभावना कम है. इसका सीधा असर तापमान तेजी आएगी.
दरअसल, अप्रैल 2026 में अब तक असामान्य रूप से कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे हैं. इनकी वजह से उत्तर भारत में बार-बार बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत भी मिली. लेकिन अब यह राहत धीरे-धीरे खत्म होती दिख रही है. दिल्ली-NCR में गर्मी तेजी से बढ़ने वाली है. हाल की बारिश के बाद जो ठंडक महसूस हो रही थी, वो खत्म हो रही है.
IMD के अनुसार, 16 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. वहीं 17 अप्रैल तक यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की संभावना है. यह इस सीजन में पहली बार होगा जब तापमान 40 डिग्री के पार जाएगा. अगले 48 घंटों में आसमान साफ से लेकर आंशिक रूप से बादलों वाला रह सकता है, लेकिन बारिश की कोई खास संभावना नहीं है.
न्यूनतम तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी, जिससे रातें भी गर्म और असहज महसूस होंगी. हालांकि, 45 डिग्री तक तापमान पहुंचने की आशंका नहीं है, लेकिन इतनी तेजी से बढ़ती गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को इस बदलते मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है. खासतौर पर दोपहर के समय धूप से बचना और पर्याप्त पानी जरूरी है.
बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. वहीं पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को फिसलन भरी सड़कों और ठंडे मौसम के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है. इससे साफ है कि एक तरफ पहाड़ों में मौसम मेहरबान रहेगा, तो दूसरी ओर मैदानों में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ेगा. आने वाले दिनों में उत्तर भारत के लोगों को मौसम के दो अलग-अलग रंगों का सामना कर सकते हैं.
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