पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक पांच बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी से हड़कंप मच गया है. यह कार्रवाई हबीबपुर थाना क्षेत्र में की गई, जहां स्थानीय लोगों ने संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां देख पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार बांग्लादेशी नागरिकों को मौके से हिरासत में ले लिया.
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की पहचान भीम राय, रतन राय, शिपोन राय और दुर्जय मंडल के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, ये सभी बांग्लादेश के राजशाही जिले के गोदागरी इलाके के रहने वाले हैं. पांचवां आरोपी मोहम्मद अजहर अली है, जिसे बीएसएफ की 88वीं बटालियन ने आगरा-हरिश्चंद्रपुर सीमा क्षेत्र से पकड़ा और बाद में स्थानीय पुलिस को सौंप दिया.
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सभी आरोपियों को सोमवार को मालदा जिला अदालत में पेश किया गया. पुलिस यह जांच कर रही है कि ये लोग सीमा पार कैसे पहुंचे और इनके भारत आने का उद्देश्य क्या था. शुरुआती जांच में अवैध घुसपैठ की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है.
बीजेपी ने टीएमसी पर हथियारों का जखीरा जमा करने का आरोप लगाया
इस घटना ने चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है. दक्षिण मालदा से बीजेपी प्रवक्ता अमलान भादुरी ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल चुनाव को देखते हुए हथियारों का जखीरा जमा कर रहा है और सीमा सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन सीमा पर अवैध गतिविधियों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं.
टीएमसी ने आरोपों का किया खंडन
वहीं, तृणमूल कांग्रेस नेता कृष्णेंदु नारायण चौधरी ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने दावा किया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार अवैध घुसपैठ, अपराधियों और हथियारों की तस्करी पर नजर रखे हुए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
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हबीबपुर पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सीमा से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस घटना के पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है.
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