विजय की शपथ पर ग्रहण! समर्थन पर VCK कल लेगी फैसला, IUML बोली- हम स्टालिन के साथ

TVK प्रमुख विजय की शपथ पर सस्पेंस बन गया है. पहले खबर थी कि वो शनिवार सुबह 11 बजे तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. लेकिन अब खेल बदल गया है. VCK और IUML का समर्थन पत्र राज्यपाल को नहीं मिला है. IUML का कहना है कि वह डीएमके गठबंधन के साथ हैं.

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TVK प्रमुख विजय शुक्रवार शाम को राज्यपाल से मिले थे (Photo: PTI) TVK प्रमुख विजय शुक्रवार शाम को राज्यपाल से मिले थे (Photo: PTI)

प्रमोद माधव / नागार्जुन / मारिया शकील

  • चेन्नई, तमिलनाडु,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:48 PM IST

तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस फिर गहरा गया है. TVK प्रमुख विजय को शनिवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी थी, लेकिन अब नई जानकारी सामने आई है. पता चला है कि राज्यपाल अभी दो पार्टियों के समर्थन पत्र का इंतजार कर रहे हैं. इसलिए उनकी तरफ से शपथग्रहण का दिन और टाइम तय नहीं है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, VCK और IUML का समर्थन पत्र (विधायकों के साइन वाला लेटर) राज्यपाल को नहीं मिला है. जानकारी मिली है कि VCK ने समर्थन जताने के लिए डिप्टी सीएम का पद मांगा है. वहीं, IUML पार्टी का कहना है कि वो एमके स्टालिन के साथ हैं.

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विजय ने राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन वाला पत्र ही सौंपा था. साथ ही कहा था कि बाकियों के साइन वाले लेटर भी जल्द मिल जाएंगे. इसी वजह से लोक भवन उन दो हस्ताक्षरों का इंतजार कर रहा है, और उसने अभी तक शपथ ग्रहण की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

इसमें TVK (107), कांग्रेस (5), CPI-CPM (4) विधायकों के साइन शामिल हैं. वैसे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में TVK को 108 सीट मिली हैं, लेकिन विजय दो सीट से लड़े थे, इसलिए उनको एक सीट छोड़नी होगी. ऐसे में उनकी पार्टी के विधायकों की संख्या भी 107 मानी जाएगी.

इससे पहले शुक्रवार देर शाम प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया था. राज्यपाल भवन में हुई मुलाकात के बाद विजय ने इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी को स्वीकार किया. मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे ऐसी खबरें थीं.

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विजय का राजनीति में प्रवेश फिल्मी दुनिया से अलग एक नई लहर लेकर आया है. उनकी पार्टी TVK ने युवाओं, महिलाओं और आम जनता के बीच जबरदस्त समर्थन हासिल किया है. अभिनेता से नेता बनने की उनकी यात्रा ने तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है. लोग अब विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर नई उम्मीदें लगा रहे हैं. यही वजह रही थी कि उनकी सभाओं में भारी भीड़ देखने को मिली और पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया.

यह भी पढ़ें: 'विजय ने अगर BJP से हाथ मिलाया तो...', सपोर्ट देने वाली लेफ्ट पार्टियों का सख्त मैसेज, बताया DMK को क्यों छोड़ा

विजय ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की


विधानसभा में TVK की ऐतिहासिक जीत

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है. सरकार बनाने के लिए विधानसभा में 117 सीटों का बहुमत चाहिए होता है. TVK को अब दूसरी पार्टियों का भी समर्थन मिल गया है. लेकिन, सरकार बनाने के आंकड़े से कुछ नंबर दूर हैं. हालांकि, देर शाम से घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है.

सरकार गठन की हलचल तेज - एडप्पाडी क पलनीस्वामी के समर्थन में राज्यपाल को पत्र

AMMK के महासचिव टी. टी. वी. दिनाकरन ने राज्यपाल आर्लेकर को एक पत्र सौंपा है. इस पत्र में उन्होंने AIADMK के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को नई सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की बात कही है. यानी AMMK ने सफाई दे दी है कि वह AIADMK के साथ खड़ी है और सरकार बनाने में उसका समर्थन करेगी. इस कदम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं.

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'5 साल नहीं, लंबे समय तक CM रहेंगे विजय', TVK विधायक का बड़ा दावा

चेन्नई में टीवीके विधायक मैरी विल्सन ने पार्टी प्रमुख विजय को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि विजय सिर्फ 5 साल के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहेंगे. उन्होंने सहयोगी दलों का धन्यवाद भी किया और कहा कि उन्हें पहले ही समर्थन मिल जाना चाहिए था, लेकिन अब जो साथ मिला है उसके लिए पार्टी आभारी है.

विजय के सामने क्या है चुनौतियां?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की होगी. जनता को उनसे रोजगार, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और निवेश बढ़ाने जैसी बड़ी उम्मीदें हैं. वहीं, उनके समर्थकों का कहना है कि विजय की सरकार तमिलनाडु में नई राजनीतिक संस्कृति और नए प्रशासनिक मॉडल की शुरुआत कर सकती है.

इनपुट: अक्षिता नंदगोपाल

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