तमिलनाडु में राष्ट्रीय प्रतीकों और भाषा के इस्तेमाल को लेकर चल रही राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस के बीच राज्यपाल आर एन रवि का एक बयान सामने आया है. उनका कहना है कि देश की राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान के समान दर्जा दिया जाना चाहिए.
तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने शनिवार (24 जनवरी) को एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सिर्फ एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि एक मां है. रवि ने 'वंदे मातरम' को अधिक मान्यता दिलाने के लिए पुरजोर वकालत की.
वंदे मातरम के महत्व पर की बात
आर एन रवि के इस संबोधन का हिस्सा बने लोगों ने बताया कि राज्यपाल ने अपने भाषण में सिर्फ 'वंदे मातरम' और उसके महत्व पर बात की. इस दौरान उन्होंने किसी तरह का राजनीतिक बयान नहीं दिया. रवि ने कहा, 'भारत सिर्फ एक भौगोलिक इकाई नहीं है, ये मां है. दुर्भाग्य से, स्वतंत्रता के बाद हमने इसे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया.'
तमिलनाडु के राज्यपाल के मुताबिक 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के बराबर दर्जा मिलना चाहिए. उन्होंने कहा, “वंदे मातरम को राष्ट्रगान के बराबर दर्जा मिलना चाहिए. लेकिन दुर्भाग्य से, इसकी उपेक्षा की जाती है. हमें वंदे मातरम को बजाए जाने की जरूरत है.
रवि ने बताया कि 'वंदे मातरम' आज भी छात्रों के बीच काफी पॉपुलर है. उन्होंने कहा, तमिलनाडु में ऐसे स्कूल और कॉलेज हैं जहां 'वंदे मातरम' प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं. इससे साफ है कि ये गीत आज भी कई लोगों के लिए भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व रखता है.
अनघा