अम्मा कैंटीन के खाने पर मिली शिकायत, तो एक्शन में आए CM विजय, सुधार के दिए आदेश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने पूरे राज्य में अम्मा कैंटीन की मरम्मत करने और उन्हें आधुनिक बनाने का आदेश दिया है. सरकार ने यह कदम इन रियायती कैंटीनों में मिलने वाले खाने की क्वालिटी और उसके स्वाद को लेकर आई शिकायतों के बाद उठाया है.

Advertisement
अम्मा कैंटीन के खाने पर शिकायत मिलते ही एक्शन में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय (File Photo) अम्मा कैंटीन के खाने पर शिकायत मिलते ही एक्शन में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:45 PM IST

तमिलनाडु में अम्मा कैंटीन को लेकर उठी शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री विजय ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य की इन कैंटीनों में मिलने वाले खाने की क्वालिटी और स्वाद पर सवाल उठे थे, जिसके बाद सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई. सीएम ने साफ कहा है कि लोगों को सस्ता खाना देना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका अच्छा और साफ-सुथरा होना भी है.

Advertisement

सरकार की तरफ से बताया गया है कि अम्मा कैंटीन में रोज हजारों लोग खाना खाते हैं, खासकर दिहाड़ी मजदूर और आम कामकाजी लोग. ऐसे में अगर खाने की क्वालिटी में कमी आती है तो इसका सीधा असर उन्हीं लोगों पर पड़ता है, जिनके लिए यह योजना शुरू की गई थी. इसी बात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पूरी व्यवस्था की समीक्षा करने का आदेश दिया.

मौजूदा समय में सिर्फ चेन्नई नगर निगम (ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन) के तहत ही 383 अम्मा कैंटीन चल रही हैं, जबकि राज्य के दूसरे नगर निगमों और नगर पालिकाओं में 237 कैंटीन काम कर रही हैं. यानी पूरे राज्य में हजारों-लाखों लोग रोज इन कैंटीनों के भरोसे अपना पेट भरते हैं. ऐसे में वहां के खाने की क्वालिटी खराब होना सीधे आम जनता की सेहत और जेब से जुड़ा मामला था.

Advertisement

अब अम्मा कैंटीन में होगा बड़ा बदलाव

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री विजय ने खुद अम्मा कैंटीनों के कामकाज की गहराई से समीक्षा की है. इस दौरान उन्होंने पाया कि कई कैंटीन सेंटर्स की हालत काफी खराब है, जहां तुरंत मरम्मत और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने की सख्त जरूरत है.

सरकार चाहती है कि खाना बनाने की प्रक्रिया ज्यादा साफ-सुथरी और सुरक्षित हो. इसके साथ ही अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि हर कैंटीन की नियमित जांच हो और सफाई पर कोई लापरवाही न हो. खाने की गुणवत्ता को लेकर अब सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर शिकायत की गुंजाइश न रहे. सरकार का मानना है कि अम्मा कैंटीन सिर्फ एक योजना नहीं है, बल्कि लाखों लोगों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी हुई व्यवस्था है. इसलिए इसमें किसी भी तरह की ढिलाई सीधे जनता को प्रभावित करती है. इसी वजह से अब पूरी सिस्टम को और मजबूत बनाने की तैयारी है.

मुख्यमंत्री विजय पहले भी कई फैसलों को लेकर सख्ती दिखा चुके हैं, और अब अम्मा कैंटीन पर लिया गया यह फैसला भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. सरकार का कहना है कि जनता को सस्ता ही नहीं, बल्कि अच्छा और साफ खाना मिलना भी उनका हक है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement