Tamil Nadu Floor Test: फ्लोर टेस्ट में विजय सरकार पास, 144 विधायकों का मिला साथ, विरोध में सिर्फ 22 वोट

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है. बुधवार को हुए फ्लोर टेस्ट में उनकी सरकार को जबरदस्त समर्थन मिला. विपक्ष की चुनौतियों के बावजूद 'थलापति' की सरकार ने बहुमत का जादुई आंकड़ा आसानी से पार कर लिया और सदन में अपनी मजबूती साबित की.

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तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट. (File photo: ITG) तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • चेन्नई,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:50 PM IST

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है. विश्वास प्रस्ताव के लिए सदन में हुई वोटिंग के दौरान कुल 144 विधायकों ने टीवीके का समर्थन किया है, जबकि 22 विधायकों ने विश्वास प्रस्वात के विरोध में वोट डाला है. इस प्रक्रिया के दौरान 22 विधायकों ने सरकार का विरोध किया, जबकि 5 सदस्य मतदान से अनुपस्थित रहे. ये फ्लोर टेस्ट नई सरकार की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया गया था. कुल 171 सदस्यों की भागीदारी वाली इस प्रक्रिया में विजय ने आसानी से स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. इससे राज्य में उनकी सरकार के बने रहने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.

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विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले CM विजय ने तमिलनाडु कांग्रेस नेताओं और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं के साथ बैठक की. सभी सहयोगी दलों ने TVK सरकार को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया था. हालांकि, AIADMK प्रमुख ईपीएस ने स्पष्ट कर दिया है कि एआईएडीएमके विजय के खिलाफ वोट करेगी.

यहां देखें फ्लोर टेस्ट की कार्यवाही से जुड़े अपडेट्स...

-विजय सरकार ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, विश्वासमत के समर्थन में 144 वोट पड़े हैं, जबकि विश्वास मत के विरोध में सिर्फ 22 वोट पड़े हैं.

तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर विश्वास मत से पहले सदन में उपस्थित विधायकों की गिनती कर रहे हैं. डीएमके के वॉकआउट करने के बाद, टीवीके, वामपंथी, वीसीके, आईयूएमएल, बीजेपी, डीएमडीके, पीएमके और अन्य दलों के शेष विधायक सदन में उपस्थित हैं.

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-तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों के बाद डीएमके विधायक सदन से बाहर चले गए, जिससे मुख्यमंत्री विजय को संख्यात्मक शक्ति के मामले में भारी बढ़त मिल गई है. डीएमके के पास 59 विधायक हैं.

वहीं, विधानसभा की वर्तमान संख्या 232 है और बहुमत का आंकड़ा 117 है, लेकिन डीएमके के वॉकआउट करने से बहुमत का आंकड़ा घटकर 88 रह गया है, जिससे टीवीके को आसानी से चुनाव जीतने का मौका मिल गया है.

तमिलनाडु में विश्वास मत को लेकर चल रही राजनीतिक उठापटक पर निशाना साधते हुए विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कज़गम खुलेआम विधायकों की खरीद-फरोख्त में लिप्त हैं और राज्य की राजनीति को 'मजाक का विषय' बना रही है.

विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान बोलते हुए स्टालिन ने कहा कि विधायकों के औपचारिक रूप से पाला बदलने से पहले ही सत्ताधारी खेमे के नेता व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलने और निमंत्रण देने जा रहे हैं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, 'ये तो नया है. दल बदलने से पहले ही नेता वहां जाकर निमंत्रण दे रहे हैं.'

डीएमके नेता ने एआईएडीएमके के भीतर फूट का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि टीवीके विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए दलबदल कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "लोग सोच रहे हैं कि जिसे आप 'बदलाव' कह रहे हैं, उसके पीछे कोई बड़ा सौदा तो नहीं है?"

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डीएमके विधायक और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने बुधवार को विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य को 'सच्ची सरकार की जरूरत है, न कि दिखावटी सरकार की.

स्टालिन ने टीवीके सरकार की वैधता पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि उसके पास बहुमत नहीं था और वह केवल डीएमके गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने वाली पार्टियों के समर्थन के कारण ही बची रही.

उदयनिधि ने कहा कि सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके और आईयूएमएल ने टीवीके को केवल राष्ट्रपति शासन को रोकने और धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन को सुनिश्चित करने के लिए समर्थन दिया था.

उन्होंने एआईएडीएमके खेमे के कुछ वर्गों से TVK को मिल रहे समर्थन का जिक्र करते हुए कहा, 'लेकिन यहां हो क्या रहा है? आपका वैचारिक शत्रु, जिसने BJP के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था, उसे आपका समर्थन करने के लिए मजबूर किया गया है.' 

तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान उस समय काफी नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जब एआईएडीएमके विधायकों ने अध्यक्ष द्वारा बागी विधायक एसपी वेलुमणि को सदन में बोलने के लिए आमंत्रित करने पर आपत्ति जताई.

एआईएडीएमके के सदस्यों ने इस कदम का विरोध करते हुए सत्तारूढ़ टीवीके पर विश्वास मत से पहले विपक्ष के अंदर असंतोष को वैधता देने का आरोप लगाया. वेलुमणि ने कहा कि विजय को जनादेश प्राप्त है और सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके गुट ने विजय का समर्थन करने का फैसला किया है.

हंगामे के बीच एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने विश्वास प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री विजय को हराने के लिए पार्टी के अंदर एकता का आह्वान किया है.

उनकी टिप्पणियों ने एआईएडीएमके सदस्यों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कीं, जिससे महत्वपूर्ण फ्लोर टेस्ट की कार्यवाही के दौरान विधानसभा में तनाव और बढ़ गया.

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- विधानसभा विश्वास प्रस्ताव पेश कर रहे हैं विजय, समर्थन करने वाली पार्टियों का जताया आभार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के लिए फ्लोर टेस्ट जारी है. इसी बीच एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी के सभी विधायक तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ मतदान करेंगे.

विधानसभा को संबोधित करते हुए, एआईएडीएमके के महासचिव ने विजय से पूर्व मुख्यमंत्रियों एमजी रामचंद्रन और जे जयललिता की तर्ज पर एक पारदर्शी सरकार चलाने की अपील की.

पलानीस्वामी ने सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) को विधायकों की खरीद-फरोख्त में लिप्त होने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी को 47 प्रतिशत वोटों का जनादेश मिला है और उसे विधायकों को अपने पाले में करने का प्रयास नहीं करना चाहिए.

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने कुछ विधायकों को पार्टी बदलने के लिए नकद पेशकश किए जाने की अफवाहें सुनी हैं. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया.

पलानीस्वामी ने कहा, '66 प्रतिशत लोगों ने टीवीके को वोट नहीं दिया, और उन्होंने तर्क दिया कि सरकार को जवाबदेह रहना चाहिए और विपक्ष के जनादेश का भी सम्मान करना चाहिए.'

- बीजेपी विरोधी बैठक में बदल फ्लोर टेस्ट: PMK विधायक

पट्टाली मक्कल कच्ची (पीएमके) की विधायक सौम्या अंबुमणि ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके सरकार द्वारा लाए गए विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान विजय द्वारा बीजेपी की बार-बार की गई आलोचना पर आपत्ति जताई है.

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विधानसभा में बोलते हुए सौम्या अंबुमणि (जिनकी पार्टी एनडीए का हिस्सा है) ने कहा कि विश्वास मत पर चर्चा शासन और सार्वजनिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय बीजेपी को निशाना बनाने का मंच बनती जा रही है.

उन्होंने राज्य में शराब की दुकानों के कामकाज पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि एक शराब की दुकान के बंद होने से अक्सर आसपास कई अवैध दुकानें खुल जाती हैं.

उन्होंने कहा, 'अगर आप एक शराब की दुकान बंद करते हैं तो चार और दुकानें खुल जाती हैं. इस पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए.' उन्होंने टीवीके सरकार से अवैध शराब बिक्री को रोकने के लिए प्रवर्तन को मजबूत करने का आग्रह किया.

-तमिलनाडु फ्लोर टेस्ट लाइव: ईपीएस का कहना है कि एआईएडीएमके विजय के खिलाफ वोट करेगी

DMK के कर सकती है वॉकआउट

बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों के बाद डीएमके विधायकों ने वॉकआउट कर दिया और सदन से बाहर चले गए. इसके बाद विजय सरकार को बड़ी राहत मिली, जिसके उन्होंने आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर लिया, क्योंकि डीएमके के पास 59 विधायक हैं.

वहीं, विधानसभा की वर्तमान संख्या 232 है और बहुमत का आंकड़ा 117 है, लेकिन डीएमके के वॉकआउट करने से बहुमत का आंकड़ा घटकर 88 रह गया है, जिससे टीवीके को आसानी हासिल कर लिया.

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