उमर खालिद को सुप्रीम कोर्ट से झटका, रिव्यू पिटीशन की मांग खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले के आरोपी उमर खालिद की जमानत याचिका पर पुनर्विचार करने की मांग को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि खालिद के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. कोर्ट ने मौखिक सुनवाई की मांग भी ठुकराई और ट्रायल में देरी के तर्क को मंजूर नहीं किया.

Advertisement
उमर खालिद की 'ओरल हियरिंग' की मांग भी कोर्ट ने ठुकरा दी. (Photo- ITGD) उमर खालिद की 'ओरल हियरिंग' की मांग भी कोर्ट ने ठुकरा दी. (Photo- ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:28 PM IST

दिल्ली दंगा के आरोपी उमर खालिद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिला है. कोर्ट ने खालिद की जमानत याचिका पर पुनर्विचार करने की मांग को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि खालिद के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर विश्वास करने के लिए सही सबूत मौजूद हैं.

जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने उमर खालिद की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने खालिद की ओर से की गई 'ओरल हियरिंग' (मौखिक सुनवाई) की मांग को भी ठुकरा दिया.

Advertisement

16 अप्रैल के अपने आदेश में कोर्ट ने कहा, 'हमने पुनर्विचार याचिका और उससे जुड़े दस्तावेजों को देखा है. हमें 5 जनवरी 2026 के फैसले की समीक्षा करने का कोई ठोस आधार नहीं मिला है. इसलिए, ये याचिका खारिज की जाती है.'

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उमर खालिद और शरजील इमाम अभी जेल में ही रहेंगे. हालांकि, कोर्ट ने उनके लिए जमानत मांगने का विकल्प खुला रखा है. वो संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद या 5 जनवरी 2026 के आदेश के एक साल बाद फिर से जमानत के लिए अर्जी दे सकते हैं. कोर्ट ने ट्रायल में देरी के तर्क को भी मंजूर नहीं किया.

क्या है पूरा मामला?

उमर खालिद और शरजील इमाम साल 2020 से जेल में बंद हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी 2026 को इन दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हालांकि, उसी मामले में कोर्ट ने पांच लोगों- गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'अब जेल ही मेरी जिंदगी है, दूसरों की रिहाई से खुश हूं...', जमानत नहीं मिलने पर बोले उमर खालिद

कोर्ट ने कहा था कि सभी आरोपियों की स्थिति एक जैसी नहीं है. उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ UAPA के तहत मामला है. कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष के दस्तावेजों से पता चलता है कि वो दंगों की साजिश रचने के लिए लोगों को जुटाने में शामिल थे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement