ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ मंत्री कुंवर विजय शाह की विवादित टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिर नाराजगी जताई है. मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें इस पर कोई पछतावा नहीं है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उनके हिसाब से मंत्री शायद महिला की तारीफ करना चाहते थे. यह एक संभावित नजरिया हो सकता है. उन्होंने माफी भी मांग ली है. मैं उनका बचाव नहीं कर रहा हूं, लेकिन वे अपनी बात स्पष्ट रूप से नहीं रख पाए.
CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अगर वे तारीफ करना चाहते थे, तो राजनीतिक हस्तियों को यह पता होना चाहिए कि कैसे बोलना है. अगर उनकी जुबान फिसली थी, तो उन्हें इसके लिए तुरंत माफी मांग लेनी चाहिए थी.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में SIT ने रिपोर्ट फाइल कर दी है. अब वह मंजूरी का इंतजार कर रही है. विजय शाह ने जो कहा वह स्पष्ट रूप से दुर्भाग्यपूर्ण था.
जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि इस मामले में राज्यपाल से मंजूरी 2 हफ्ते के अंदर मिलनी थी, लेकिन इतने महीने गुजर जाने के बाद भी अभी तक नहीं मिली है. CJI ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि आपको हमारे आदेश का पालन करना होगा. अब इस मामले पर 4 हफ्ते बाद सुनवाई होगी.
बता दें, विजय शाह पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को 'आतंकियों की बहन' कहकर अभद्र टिप्पणी की थी. कर्नल कुरैशी उन 3 वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल थीं, जिन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर मीडिया को ब्रीफ किया था. विजय शाह की टिप्पणी का सोशल मीडिया से लेकर अदालत तक में विरोध देखने को मिला है.
संजय शर्मा