सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. इस दौरान पवन खेड़ा ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. यह बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान की जीत है, जो किसी भी आम नागरिक के अधिकारों के उल्लंघन होने पर उसकी रक्षा के लिए खड़ा होता है.
पवन खेड़ा ने कहा कि जब भी हम जंग के मैदान से लौटते हैं, हम छिपते नहीं हैं बल्कि अगले युद्ध की तैयारी करते हैं. बता दें, पवन खेड़ा को कोर्ट से शर्तों के तहत अग्रिम जमानत दी गई है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा और जब भी पुलिस स्टेशन में बुलाया जाए, उन्हें उपस्थित होना अनिवार्य होगा. साथ ही, वह किसी भी प्रकार से सबूतों को प्रभावित या उनसे छेड़छाड़ नहीं कर सकते.
अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि बिना सक्षम न्यायालय की अनुमति के वह देश से बाहर नहीं जा सकेंगे. इसके अलावा, ट्रायल कोर्ट को आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त शर्तें लगाने का अधिकार दिया गया है.
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि जमानत पर विचार करते समय जिन दस्तावेजों और तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उनका मामले के अंतिम निर्णय से कोई संबंध नहीं है और ट्रायल कोर्ट इन टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा.
बता दें, पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया था कि उनके पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्तियां हैं, जिनका उल्लेख चुनावी हलफनामे में नहीं किया है. इन आरोपों के बाद रिंकी भुइयां सरमा की शिकायत पर गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया था.
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