वयस्कों के आधार कार्ड बनाने के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील अश्विनी उपाध्याय को अपनी मांग केंद्र सरकार के सामने रखने को कहा.
अश्विनी उपाध्याय ने याचिका में मांग की थी कि नया आधार कार्ड केवल 6 साल तक की उम्र के लोगों को ही दिया जाए. तय उम्र सीमा के बाद उन्हें सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट या तहसीलदार कार्यालय से आधार लेने की अनुमति दी जाए. उनका तर्क था कि इससे घुसपैठियों का फर्जी आधार कार्ड बनवाने का धंधा रुके सकेगा.
अश्विनी उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि देश में 144 करोड़ आधार कार्डधारक हैं. 99% लोगों के पास आधार कार्ड मौजूद है. 55 करोड़ जनधन खाते आधार से जुड़े हुए हैं और सभी वयस्कों के पास आधार है.
उन्होंने कहा कि नई सख्ती से घुसपैठियों को रोका जा सकेगा. वर्तमान व्यवस्था में रेंट एग्रीमेंट वाला कोई भी व्यक्ति आधार ले सकता है.
अगर पार्षद या पंचायत प्रधान एक पेज पर लिख दें कि यह व्यक्ति मेरे वार्ड में रह रहा है, तो उसे आधार मिल जाता है. इसके आधार पर अन्य दस्तावेज भी बनवाए जा सकते हैं. हाल ही में मुंबई में 87,000 नकली दस्तावेज बरामद हुए थे.
संजय शर्मा