चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे फेज का ऐलान कर दिया है. इसमें 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR किया जाएगा. इसमें दिल्ली भी कवर होगा जिसका फाइनल इलेक्टोरल रोल (अंतिम मतदाता सूची) 7 अक्टूबर 2026 को सामने आएगी.
एसआईआर का तीसरा चरण पूरा होने के बाद, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरा देश इसके दायरे में आ जाएगा. मतलब इन तीन जगहों को छोड़कर बाकी पूरे भारत में SIR पूरा हो जाएगा. चुनाव आयोग के मुताबिक, हिमपात वाले क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एसआईआर का कार्यक्रम बाद में तय किया जाएगा.
चुनाव आयोग के मुताबिक, तीसरे फेज में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, दमन-दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड, त्रिपुरा में SIR किया जाएगा.
आपके राज्य में SIR का क्या शेड्यूल है, देखिए
एसआईआर के तीसरे चरण के दौरान 3.94 लाख से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारी 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर उनसे संपर्क करेंगे.
एसआईआर के पहले दो चरणों में, 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश कवर किए गए थे. इनमें लगभग 59 करोड़ मतदाता थे. इस पूरी प्रक्रिया में 6.3 लाख से ज्यादा BLOs (Booth Level Officers) यानी चुनाव आयोग के जमीनी कर्मचारी शामिल थे. और राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 9.2 लाख BLAs (Booth Level Agents) भी अलग-अलग चरणों में जुड़े थे.
चर्चा में रहा बंगाल, बिहार और यूपी का SIR
एसआईआर का पहला चरण चुनिंदा राज्यों में चलाया गया, जिसमें बिहार मुख्य उदाहरण था. यह जून से सितंबर 2025 के बीच हुआ. सत्यापन के बाद, बिहार में लगभग 47 लाख मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा, जो कुल मतदाताओं का लगभग 5-6 प्रतिशत था.
दूसरे चरण की शुरुआत 27 अक्टूबर, 2025 को हुई और इसमें नौ राज्य और तीन केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे, जिनमें उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी शामिल थे.
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, उसके बाद पश्चिम बंगाल में 83.86 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए.
शेड्यूल जारी होने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'मैं सभी मतदाताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण में उत्साहपूर्वक भाग लेने और अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अपील करता हूं.'
उन्होंने आगे कहा कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाताओं को ही शामिल किया जाए, जबकि अपात्र नामों को शामिल होने से रोका जाए.
ऐश्वर्या पालीवाल