जनवरी के आखिरी हफ्ते में मौसम ने फिर करवट ली है. दिल्ली, यूपी, हरियाणा से राजस्थान तक उत्तर भारत के राज्यों में बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है तो वहीं पहाड़ों पर भारी बर्फबारी से पारा लुढ़क गया है.
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से मौसम में यह बदलाव आया है. जम्मू-कश्मीर से हिमाचल और उत्तराखंड तक पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है. बसंत पंचमी पर मनाली से लेकर शिमला तक चारों तरफ बर्फ की मोटी सफेद चादर ढकी है.
पहाड़ों पर बर्फबारी की वापसी हुई और देखते ही देखते नजारे बदल गए हैं. जम्मू-कश्मीर में बर्फ की चादर बिछ गई है. जहां तक देखिए वहां बर्फ ही बर्फ दिखाई देने लगी है.
शिमला में मौसम ने मेहरबानी दिखाई तो वहीं मनाली में भी बर्फबारी से मौसम पूरी तरह बदल गया है. हिमाचल में भारी बर्फबारी से परेशानी भी बढ़ी है. रोहतांग में अटल टनल को बंद करना पड़ा है.
जम्मू-कश्मीर के शोपियां रामबन गुलमर्ग में सीजन की सबसे तेज बर्फबारी दर्ज की गई है. सिर्फ कश्मीर ही नहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के वह इलाके भी अब सफेद हो गए जहां सीजन में बर्फ का नामो निशान नहीं था.
शिमला में माल रोड पर इतनी बर्फ गिरी है कि सड़कों को पहचाना मुश्किल हो रहा है. मनाली में भी अभी तक सूखा था लेकिन अब बर्फबारी के बाद पर्यटकों से मनाली के गुलजार होने की उम्मीद है.
मनाली में सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो हर तरफ बर्फ की सफ़ेद चादर ढकी नज़र आई. बर्फबारी के चलते घाटी का नज़ारा मनमोहक हो गया. मनाली शहर में करीब दो इंच तक बर्फबारी दर्ज की जा चुकी है, जबकि बर्फ गिरने का क्रम लगातार जारी है. राहत की बात यह है कि फ़िलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग सहित शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है.
गौरतलब है कि ऊंचाई वाले इलाकों अटल सुरंग, सिसु घाटी और आसपास के क्षेत्रों में इससे पहले ही बर्फबारी हो चुकी थी, लेकिन अब मुख्य मनाली शहर में भी बर्फबारी हो रही है . आमतौर पर मनाली में बर्फबारी का मुख्य मौसम दिसंबर से फरवरी के बीच रहता है, लेकिन इस वर्ष जनवरी के अंतिम सप्ताह में बर्फबारी शुरू हुई है.
बता दें कि मौसम विभाग (IMD) ने आज, 23 जनवरी के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर समेत देश के पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है.
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