बीएमसी में दशकों बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है. लेकिन बीएमसी में बेशक सत्ता बदली हो लेकिन एक खास बात अभी भी बदली नहीं है. बीते 25 वर्ष से बीएमसी हेडक्वार्टर में मेयर और स्थायी समिति अध्यक्ष की टेबल्स पर बिछा भगवा कपड़ा अभी भी नजर आ रहा है. अब जब शिवसेना दो धड़ों में बंट चुकी है और बीजेपी ने हाल के चुनाव में सबसे ज्यादा 89 सीटें जीती हैं. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि मुंबई का अगला मेयर कौन होगा? इसे लेकर महायुति गठबंधन के सहयोगी चर्चा कर रहे हैं.
लेकिन सवाल है कि क्या भगवा झंडे का प्रतीकवाद बीजेपी को रास्ता देगा? बीजेपी के झंडे में भगवा और हरा दोनों रंग हैं. बीएमसी में इन प्रमुख दफ्तरों के कुछ हिस्सों में हल्का-फुल्का बदलाव दिख सकता है.
एक सवाल ये भी है कि क्या उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सिर्फ 29 सीटें जीतने के बावजूद मेयर का प्रतिष्ठित पद हासिल कर पाएंगे? इस बीच निगम हॉल, स्थायी समिति हॉल और अन्य वैधानिक समिति कक्षों में काम पहले से ही शुरू हो चुका है. लगभग साढ़े तीन वर्षों के सीमित उपयोग के बाद मुख्य फोकस व्यावहारिक सुधारों पर है, जिनमें दीमकें हटाना, साफ-सफाई, असबाब को अपग्रेड करना और जहां जरूरी हो वहां पुरानी कुर्सियों को बदलना. एआईएमआईएम को भी बीएमसी में अपने पार्षदों के लिए एक पार्टी कार्यालय मिलेगा, क्योंकि उन्होंने 8 सीटें जीती हैं.
मुस्तफा शेख