'मैं शायर नहीं, ये प्रतापगढ़ी का काम' राज्यसभा में बोले PM मोदी, खड़गे की डिमांड पर सुनाई शायरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कार्यकाल पूरा कर रहे 59 सदस्यों की विदाई के मौके पर एक-एक सदस्य के योगदान की तारीफ की. उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता. पीएम ने रामदास अठावले की चुटकी भी ली.

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पीएम मोदी ने की डिप्टी चेयरमैन हरिवंश की तारीफ (Photo: Screengrab) पीएम मोदी ने की डिप्टी चेयरमैन हरिवंश की तारीफ (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:59 PM IST

राज्यसभा में बुधवार को सदन के 59 सदस्यों को विदाई दी गई, जिनका कार्यकाल अप्रैल से जून के बीच पूरा हो रहा है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता. उन्होंने रिटायर हो रहे सदस्यों के योगदान की तारीफ की और यह भी कहा कि एचडी देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार जैसे वरिष्ठ सदस्यों से नए सदस्यों को सीखना चाहिए. पीएम मोदी के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना विदाई भाषण दिया.

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मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने भाषण के दौरान कहा कि पहले अपने भाषणों में प्रधानमंत्री शेरो-शायरी भी बोला करते थे. आजकल नहीं बोल रहे. खड़गे के भाषण के बाद पीएम मोदी खड़े हुए और कहा कि खड़गे जी ने अपने विदाई भाषण में एक अपेक्षा रख दी. मेरा भी दायित्व बनता है कि उस अपेक्षा को पूरा करूं. पीएम मोदी ने कहा कि वैसे मैं शेर-शायरी की दुनिया का व्यक्ति नहीं हूं, वो प्रतापगढ़ी (इमरान प्रतापगढ़ी) का काम है.

पीएम मोदी ने शायरी सुनाई- करम ऐसा करो मन में, जहां से गुजरें तुम्हारी नजरें, उधर से तुम्हें सलाम आए. इससे पहले, प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहा कि सदन के भीतर अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं. हर किसी का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है. कुछ खट्टे-मीठे अनुभव भी रहते हैं. उन्होंने कहा कि आज जब ऐसे अवसर आते हैं, तब स्वाभाविक रूप से हम सभी के मन में एक समान भाव प्रकट होता है, कि हमारे साथी अब किसी और विशेष काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यहां से जो साथी विदाई ले रहे हैं, कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं और कुछ यहां का अनुभव लेकर के सामाजिक जीवन में कुछ ना कुछ विशेष योगदान करेंगे. उन्होंने कहा कि आपका अनुभव और योगदान राष्ट्रीय जीवन में हमेशा बना रहेगा. पीएम मोदी ने कहा कि जाने वाले सभी सांसदों का बहुत ही उत्तम योगदान है. उपसभापति हरिवंश जी विदाई ले रहे हैं. हरिवंश जी को लंबे समय तक सदन को चलाने का अनुभव मिला है. बहुत ही मृदुभाषी, सदन को चलाने में सबका विश्वास जीतने का निरंतर इन्होंने प्रयास किया है.

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उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि ज्यादातर संकट के समय उपसभापति के ही जिम्मे आ जाता है कि भाई संभाल लेना जरा. पीएम मोदी ने कहा कि तो सबको जान भी लेते हैं. भली-भांति जान लेते हैं. उनका भी योगदान है. पीएम मोदी ने कहा कि जब सदन का समय नहीं होता, तब देश के किसी न किसी कोने में युवाओं से मिलना-जुलना, निरंतर जारी रहता है. वे कलम के धनी तो हैं ही हैं, कर्म कठोर भी हैं.  उन्होंने कहा कि किसी समय हम सुनते थे कि सदन में हास्य-विनोद व्यंग्य का अवसर मिलता रहता है. इन दिनों कम होता जा रहा है, क्योंकि मीडिया की दुनिया ऐसी है कि हर कोई कॉन्शियस रहने लगा है. लेकिन हमारे अठावले जी हैं जी, सदाबहार हैं.

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पीएम मोदी ने कहा कि अठावले जी जा रहे हैं, लेकिन यहां पर किसी को खोट महसूस नहीं होगी. व्यंग्य भी वो परोसते रहेंगे, मुझे पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि सदन में से हर दो साल के बाद एक बड़ा समूह हमारे बीच से जाता है. लेकिन ये एक ऐसी व्यवस्था है, कि जो नया समूह जब आता है, उसे चार साल से बैठे लोगों से सीखने को मिलता है. पीएम मोदी ने कहा कि यहां की जो विरासत है, वो निरंतर प्रॉसेस में रहती है. जीवन में या सार्वजनिक जीवन में जब भी कोई निर्णय करना होता है, परिवार के लोग बैठकर मन लेते हैं, फिर भी कहते हैं कि किसी वरिष्ठ से पूछ लो. हमारी संसदीय प्रणाली में सेकंड ओपिनियन की बड़ी भूमिका है. यह निर्णय प्रक्रिया को समृद्ध करता है. 
 

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