'कायरों की तरह छिपना बंद करे BJP, ये महिला बिल तो बिल्कुल नहीं', राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

लोकसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पर राहुल गांधी ने बीजेपी पर कड़ा हमला किया. उन्होंने इस बिल को महिला सशक्तिकरण से दूर और सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश बताया.

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राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधा राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

लोकसभा में संसद के विशेष सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे दार रहा. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, जब महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयकों पर बोलने खड़े हुए तो उन्होंने भाषण की शुरुआत बचपन की कहानी से की, लेकिन ये कहानी आगे बढ़ते-बढ़ते हंगामें में बदल गईं. असल में राहुल गांधी ने इन्हीं कहानियों के जरिए बीजेपी पर हमला बोला और दो टूक कहा कि 
'कायरों की तरह BJP छिपना बंद करे. उन्होंने कहा कि ये महिला बिल तो बिल्कुल नहीं है. 

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राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी के दिमाग में असमंजस है. वह सोचते हैं कि वे भारत के लोग हैं, भारत की सेना हैं. आप भारत के लोग नहीं हैं, आप भारत की सेना नहीं हैं. बीजेपी कायरों की तरह भारत के लोग और भारत की सेना के पीछे ना छिपे. हम आपको अटैक करते हैं, सेना या लोगों को नहीं करते. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ एक डील साइन हुई. स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि जब मैं सीट पर हूं, तब विधेयक पर ही चर्चा होगी. राहुल गांधी ने कहा कि हम इस बिल को पारित नहीं होने देंगे.

राहुल गांधी ने कहा कि 'यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, क्योंकि महिला आरक्षण का कानून तो 2023 में ही पारित हो चुका है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा विधेयक देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि यह बिल एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के खिलाफ है और उनके अधिकार छीनने का एजेंडा लेकर आया है. उन्होंने कहा, 'सरकार डरी हुई है. जो काम उसने असम और जम्मू‑कश्मीर में किया, वही अब पूरे देश में करना चाहती है.' राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस विधेयक का महिला सशक्तिकरण से कोई लेना‑देना नहीं है, बल्कि यह सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश है.

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उन्होंने कहा, 'आप सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं. यह बिल राष्ट्रविरोधी है और हम सरकार को यह करने नहीं देंगे.' उन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया से दलितों और आदिवासियों की भागीदारी कम हो रही है. राहुल गांधी ने दावा किया कि यह बदलाव सामाजिक न्याय और संघीय ढांचे के खिलाफ हैं.  

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