भगवंत मान और राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, पंजाब पर कौन क्या बोले?

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर दल-बदल करने वाले 6 राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की. दूसरी ओर, बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने मान सरकार पर नौटंकी करने और पंजाब को कर्ज के जाल में धकेलने का आरोप लगाया है.

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CM भगवंत मान और राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति से की मुलाकात. (photo: ITG) CM भगवंत मान और राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति से की मुलाकात. (photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST

आम आदमी पार्टी (AAP) के 6 राज्यसभा सांसदों के BJP में विलय के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है. इसी मुद्दे को लेकर आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. राघव ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बारे में एक्स पर जानकारी दी है. वहीं, बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस पूरी प्रक्रिया को मुख्यमंत्री की नौटंकी करार दिया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री ने दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति के सामने पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के दल-बदल का मुद्दा गंभीरता से उठाया.

उन्होंने तर्क दिया कि इन सांसदों ने पार्टी छोड़कर जनता के भरोसे के साथ धोखा किया है, इसलिए उनकी सदस्यता तुरंत खत्म की जानी चाहिए. मान ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया. उनके साथ गए विधायकों ने भी इन सांसदों को वापस बुलाने (रिकॉल) के प्रस्ताव का समर्थन किया.

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'एक्स की तरह व्यवहार कर रही है AAP'

वहीं, पंजाब के सीएम के राष्ट्रपति से मुलाकात करने से पहले राघव चड्ढा राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां उन्हें राष्ट्रपति से मुलाकात की. इस बारे में उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर तस्वीरें साझा कर जानकारी दी है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज सुबह भारत के राष्ट्रपति से तीन साथी सांसदों के साथ मुलाकात करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं. हमने बताया कि कैसे आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार राज्य तंत्र का दुरुपयोग कर हमें हमारे संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए निशाना बना रही है, जबकि दो-तिहाई सांसदों ने बीजेपी में विलय का विकल्प चुना है जो पार्टी कभी प्रतिशोध का ढोंग करती थी, अब वही अपना सबसे घिनौना रूप दिखा रही है.'

राघव ने आगे लिखा कि राष्ट्रपति के इस आश्वासन से हमें बल मिलता है कि संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक विकल्पों का सम्मान किया जाना चाहिए.

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उन्होंने ये भी कहा कि आज AAP एक राजनीतिक दल की तरह नहीं, बल्कि एक दिलजले एक्स की तरह व्यवहार कर रही है जो पुरानी बातों को भूलने में असमर्थ.

सिरसा का पटलवार

वहीं, बीजेपी मंजिंदर सिंह सिरसा ने AAP और पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा. सिरसा ने AAP पर ये भी आरोप लगाया कि भगवंत मान के साथ गए ज्यादातर विधायक अन्य पार्टियों (कांग्रेस और अकाली दल) से आए हुए हैं, फिर भी AAP खुद को सच्ची पार्टी बताती है. उन्होंने AAP पर नौटंकी और चुटकुले बाजी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भगवंत मान विधानसभा में चुटकुले सुनाते हैं, विधानसभा के बाहर आकर नौटंकी करते हैं. उनको ये सब छोड़कर गंभीरता से पंजाब की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. पंजाब में इतनी ड्रग्स पहुंच चुकी है, पंजाब में इतना माफिया पहुंच चुके हैं, उसको रोकना चाहिए. बजाए इसके भगवंत मान एक अभी-भी कॉमेडियन के रूप में से बाहर निकल ही नहीं पा रहे हैं.

सिरसा ने पंजाब की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य पर 4 लाख करोड़ का कर्ज है, जिसमें से 2 लाख करोड़ तो मान सरकार की देन है.

उन्होंने तुलना की कि जैसे ममता बनर्जी ने 15 साल में बंगाल और केजरीवाल ने 10 साल में दिल्ली को बर्बाद किया, वैसे ही 'AAP' ने 5 साल में पंजाब को तबाह कर दिया है. सिरसा के मुताबिक, राज्य में ड्रग्स, रंगदारी और गैंगस्टर माफिया का बोलबाला है और अब जनता 2027 में बीजेपी को मौका देने का मन बना चुकी है.

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