मुंबई में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात हुई. पीएम मोदी ने अपने X हैंडल (पूर्व में ट्विटर) से एक पोस्ट में लिखा, 'मुंबई में अपने मित्र, राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर बहुत खुशी हुई. उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें यह शहर बहुत पसंद आया और उन्होंने आज सुबह अपनी वॉक का भी खूब आनंद लिया.' दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने यहां लोकभवन में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें भारत और फ्रांस के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी. पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने इंडो-पैसिफिक कोऑपरेशन सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की.
द्विपक्षीय बैठक के बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा, 'भारत और फ्रांस के संबंध बहुत ही विशेष है. फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है. प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर हमने इस रणनीतिक साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है. आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण की नींव पर निर्मित अपने संबंधों को हम अब एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं. भारत और फ्रांस का सहयोग मात्र रणनीति से परे है. इस अशांत समय में, यह वैश्विक स्थिरता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध साझेदारी के रूप में खड़ा है.'
पीएम मोदी ने कहा, 'हमें गर्व है कि भारत और फ्रांस मिलकर, माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ान भरने वाला, विश्व का एकमात्र हेलीकॉप्टर भारत में बनाएंगे और पूरे विश्व को एक्सपोर्ट करेंगे.' उन्होंने कहा कि वर्ष 2026, भारत और यूरोप के संबंधों में एक टर्निंग पॉइंट है. हम इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ, इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्कीलिंग इन एयरोनॉटिक्स लॉन्च करने जा रहे हैं.'
जॉंइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, 'भारत की अपनी चौथी आधिकारिक यात्रा पर मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं. भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंध वास्तव में असाधारण और विशिष्ट हैं. यह संबंध विश्वास, खुलेपन और महत्वाकांक्षा पर आधारित है. आज हमने इस साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है और इसे स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया है.'
मैक्रों ने कहा, 'इसमें कोई संदेह नहीं, क्योंकि हमें इस रिश्ते पर पूरा भरोसा है और पिछले आठ वर्षों से हम लगातार इसे मजबूत करते आ रहे हैं. हर वर्ष अलग-अलग क्षेत्रों में मिलकर काम करते हुए हमने नए रास्ते खोले हैं. चाहे वह इंडो-पैसिफिक रीजन हो या टेक्नोलॉजी, जहां किसी का वर्चस्व नहीं होना चाहिए. हम कानून के शासन में दृढ़ विश्वास रखते हैं और बीते वर्षों में इसे साबित भी किया है. चाहे वह आईएमईसी हो, जिसे हमने मिलकर शुरू किया, या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसे प्रयास. पिछले आठ वर्षों में हमने साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण पहल की हैं.'
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