लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरने के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित किया. उन्होंने इस बिल के गिरने का जिम्मेदार विपक्ष को ठहराया. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपने स्वार्थ की वजह से इस बिल को पारित नहीं होने दिया.
पीएम मोदी ने कहा कि देश की नारी शक्ति सब देख रही है, बिल गिरा तो मुझे बहुत दुख हुआ. अपने 30 मिनट का संबोधन उन्होंने ये कहते हुए खत्म किया कि उनका आत्मबल अजेय है और उनकी सरकार ने अभी हार नहीं मानी है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया और उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया. उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई और नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो सका.
'हमारा आत्मबल अजेय है'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिल पास करने के लिए जरूरी 66 प्रतिशत वोट हमें नहीं मिले, लेकिन मैं जानता हूं कि देश की 100% नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है. मैं देश की नारी शक्ति को विश्वास दिलाता हुआ कि इसके विरोध में आने वाली हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे. कल हमारे पास संख्या बल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम हार गए हैं. हमारा आत्मबल अजेय है. हमारे पास आगे भी और मौके आएंगे.
'लटकाना और अटकाना की कांग्रेस का सिद्धांत'
पीएम मोदी ने कहा कि जो भी काम देश के लिए जरूरी फैसला होता है, कांग्रेस इसे कार्पेट के नीचे डाल देती है. कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से आज देश उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया जिसका ये हकदार है. कांग्रेस हर रिफॉर्म को रोककर बैठी है. लटकाना और अटकाना की कांग्रेस का सिद्धांत और वर्क कल्चर रहा है.
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देश के हर जरूरी सुधार का कांग्रेस विरोध करती है. जनधन, आधार, डिजिटल पेमेंट्स, जीएसटी, गरीबों को आरक्षण, तीन तलाक कानून, आर्टिकल 370 हटाना, हर चीज का विरोध किया. यहां तक कि यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे सुधारों का भी विरोध करती है. रिफॉर्म का नाम सुनते ही कांग्रेस विरोध करने लगती है. जो भी काम देश को मजबूत बनाता है, कांग्रेस उसमें बाधा डालती है. कांग्रेस वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध करती है. घुसपैठियों को निकालने का विरोध करती है.
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस मतदाता सूची शुद्धिकरण का विरोध करती है. सीएए कानून का विरोध किया और झूठ फैलाकर माहौल खराब किया. माओवादी और नक्सली हिंसा खत्म करने के प्रयासों में भी बाधा डालती है. यही कांग्रेस की राजनीति है.'
कांग्रेस पर महिला आरक्षण के खिलाफ रहने का आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष परिसीमन को लेकर झूठ फैला रहा है. उन्होंने बताया कि न किसी राज्य का प्रतिनिधित्व घटेगा और न ही किसी की हिस्सेदारी कम होगी. बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के खिलाफ रही है और हर बार इसमें अड़चन डालती रही है. उन्होंने कहा कि इस बार भी अलग-अलग तकनीकी बहानों के जरिए लोगों को गुमराह किया गया.
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि परिवारवादी पार्टियों को डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं तो उनका वर्चस्व खत्म हो जाएगा. ये दल नहीं चाहते कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि पंचायत और लोकल बॉडीज में महिलाओं ने अपनी क्षमता साबित की है और अब वो संसद और विधानसभाओं में आना चाहती हैं. प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी की महिलाओं को सशक्त बनाने का एक ‘महायज्ञ’ बताया.
पीएम मोदी का कांग्रेस पर सीधा निशाना
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों पर सवार है. वो इन्हें भी डुबो देगी. कांग्रेस हर बार एक जैसा बहाना बनाती है. परिवारवादी पार्टियां महिला हित नहीं चाहती. प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस ईमानदार प्रयास को रोक दिया और देश के सामने इसे खत्म कर दिया. उन्होंने कहा कि इन दलों ने देश की नारी शक्ति और संविधान दोनों के साथ अन्याय किया है.
'नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती...'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती. इसलिए संसद में कांग्रेस और उनके सहयोगियों के इस व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी. देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी, तो उसे याद आएगा कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था.'
विपक्ष पर कई आरोप
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की महिलाओं को उठाना पड़ा. प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्ष ने जो किया है, उसके लिए उन्हें सजा जरूर मिलेगी. उन्होंने ये भी कहा कि इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है.
'तालियां नहीं, स्वाभिमान पर चोट...'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी. उन्होंने दुख जताया कि जब नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तब कुछ दलों के लोग तालियां बजा रहे थे. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेज थपथपाना नहीं था, बल्कि नारी के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर चोट थी. संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वो लोग नारी शक्ति को for granted ले रहे हैं.'
पीएम मोदी ने महिलाओं से की क्षमा याचना
प्रधानमंत्री ने कहा कि वो देश की सभी माताओं और बहनों से क्षमा प्रार्थना करते हैं कि यह प्रयास सफल नहीं हो पाया. उन्होंने आगे कहा कि सरकार के लिए देशहित सर्वोपरि है. लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है, तो उसका नुकसान नारी शक्ति और देश दोनों को उठाना पड़ता है.
54 वोटों से नहीं पारित हो सका था बिल
महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. लोकसभा में इस बिल पर कुल 528 वोट पड़े. बिल को पारित कराने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन इसके पक्ष में 298 वोट ही पड़े. ऐसे में 54 वोटों के अभाव से ये बिल गिर गया था.
महिला सांसदों का विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिरने के बाद बीजेपी की महिला सांसदों का गुस्सा भी देखने को मिला था. महिला सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विपक्ष के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया था.
पीएम मोदी ने शनिवार को तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि सरकार ने अब भी बिल को लेकर हार नहीं मानी है. उन्होंने बताया था कि बीजेपी-एनडीए मिलकर इस बिल को पास कराने लिए दूसरे रास्ते तलाश रही है.
aajtak.in