वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ डील को लेकर संसद के दोनों सदनों में बयान दिया. पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ डील को विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में जरूरी कदम बताया. उन्होंने उच्च सदन में कहा कि इस डील में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों और हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है.
पीयूष गोयल ने सदन को आश्वस्त किया कि भारतीय कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है. पीयूष गोयल के स्टेटमेंट के बाद राज्यसभा में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्षी सदस्यों ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया और इस बात पर आपत्ति जताई कि वाणिज्य मंत्री ने संसद से पहले इसे लेकर बाहर बयान दिया.
विपक्ष की आपत्ति इस बात पर थी कि जब सरकार तैयार थी, तब उनको पहले संसद में बोलना चाहिए था. तिरुचि शिवा समेत विपक्ष के कई सांसदों ने इसे लेकर पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया. विपक्ष की आपत्ति पर नेता सदन जेपी नड्डा ने सफाई दी. नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि पीयूष गोयल ने कल पॉलिटिकल रेस्पॉन्स दिया था, पॉलिटिकल स्टेटमेंट नहीं.
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उन्होंने कहा कि पीयूष गोयल ने पॉलिटिकल स्टेटमेंट यहां (राज्यसभा में) दिया है. जेपी नड्डा ने कहा कि पीयूष गोयल कल मुंबई में थे. बीमार थे. फिर भी पीयूष गोयल ने कल दिल्ली आकर संसद में स्टेटमेंट देने का प्रयास किया. जेपी नड्डा ने कहा कि पीयूष गोयल ने स्टेटमेंट देने का प्रयास किया, लेकिन कल लोकसभा नहीं चली. उन्होंने विपक्ष पर तंज करते हुए कहा कि विपक्ष ऐसा है, कि चित्त भी मेरी और पट भी. ऐसे नहीं चलता.
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जेपी नड्डा ने कहा कि अगर पीयूष गोयल कल यहां आकर स्टेटमेंट देते, तो विपक्ष की ओर से यह सवाल किया जाता कि लोकसभा में पहले बयान क्यों नहीं दिया. तब कहा जाता कि पहला अधिकार लोकसभा का है. जेपी नड्डा ने कांग्रेस का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के मित्र बात-बात पर रूठकर चले जाते हैं. आज पीयूष गोयल ने पहले लोकसभा में बयान दिया और इसके बाद राज्यसभा में लेकर आए हैं. इससे पहले पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ डील को लेकर विस्तार से जानकारी दी.
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