सरकार ने संजय दत्त और नोरा फतेही के गाने को लेकर सख्ती दिखाते हुए सेंसर बोर्ड को साफ निर्देश दिए हैं कि अश्लील सामग्री पर तुरंत कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से ऐसे गानों को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो फिल्म सर्टिफिकेशन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया जा सकता है. मंत्रालय अब अश्लील सामग्री पर निगरानी और कड़ी करने की तैयारी में है.
इस बीच, एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी इस मामले पर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि 'कौन सभ्य परिवार साथ बैठकर यह देख सकता है?'
उन्होंने लिखा कि बॉलीवुड से नैतिकता की उम्मीद नहीं है, लेकिन सेंसर बोर्ड द्वारा इस तरह की सामग्री को अनुमति देना शर्मनाक है. उन्होंने इसे समाज के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि यह लोगों की सोच को खराब कर रहा है. प्रियंक कानूनगो ने यह भी कहा कि इस मामले में कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है और ऐसी चीजों को समाज में फैलने नहीं दिया जाएगा.
'कौन सभ्य परिवार साथ बैठकर यह देख सकता है'
X पर उन्होंने लिखा, 'कौन सभ्य परिवार साथ बैठकर यह देख सकता है? बॉलीवुड से नैतिकता की अपेक्षा तो है ही नहीं परंतु सेंसर बोर्ड द्वारा अश्लीलता को लाइसेंस देना शर्मनाक है. यह मानसिक रोगी अपनी मनोविकृतियों से पीढ़ीयों को बर्बाद कर रहे हैं. हम इस गंदगी को समाज में फैलने नहीं देंगे,कार्यवाही हेतु नोटिस.'
बता दें कि नोरा फतेही के इस गाने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. यह गाना फिल्म केडी: द डेविल का है और अब इस पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है. ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) और सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर गाने पर कड़ी आपत्ति जताई है.
संस्था का कहना है कि इस गाने में अश्लीलता और दोहरे अर्थ वाले शब्द हैं, जो समाज के लिए ठीक नहीं हैं, खासकर बच्चों और युवाओं पर इसका बुरा असर पड़ सकता है. AICWA ने इसे 'गंभीर सार्वजनिक चिंता का मामला बताया है.
अधिवक्ता ने शिकायत दर्ज कराई
मुंबई के मीरा रोड थाने में अधिवक्ता जहानआरा खान ने इस गाने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि यह गाना विभिन्न डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मंचों पर शेयर किया गया है. शिकायत के अनुसार, गाने के बोल और दृश्य बेहद अश्लील और यौन संकेत देने वाले हैं. इसमें दिखाए गए डांस और प्रस्तुति अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं और समाज की मर्यादा को प्रभावित करते हैं, खासकर बच्चों और युवाओं पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि गाने की पूरी प्रस्तुति, हाव-भाव, बोल, सीन और अभिव्यक्ति महिलाओं की गरिमा और सम्मान के खिलाफ है. यह महिलाओं को गलत और अपमानजनक तरीके से पेश करता है, जिससे उनकी मर्यादा को ठेस पहुंचती है. इसी आधार पर शिकायत में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 79 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है.
पीयूष मिश्रा